प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना विश्व की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना जगमोहन आनंद
करनाल, 19 नवम्बर: विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है जोकि विश्व की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजनाओं में से एक है। योजना के तहत अब तक देश में 3 लाख 90 हजार करोड़ रुपये का लाभ किसानों को दिया जा चुका है और आज 21वीं किस्त के रूप में 18 हजार करोड़ रुपये सीधे तौर पर किसानों के खातों में डाले गए। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताया।
विधायक जगमोहन आनंद बुधवार को एनडीआरआई के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कोयम्बटूर तमिलनाडु में आयोजित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त को जारी करने के कार्यक्रम व दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती समिट 2025 से वर्चुअली तौर पर जुड़े और किसानों को संदेश दिया।
विधायक जगमोहन आनंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस योजना के तहत किसानों को जो राशि ट्रांसफर की जा रही है। वह किसानों के लिए बड़ी राहत है। देश के अन्नदाता किसान भाई जो अन्न की रक्षा करते है उनकी सुरक्षा के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि करनाल के सांसद एवं केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामले मंत्री मनोहर लाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिल कर किसान हित में नीतियां बना रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में हरियाणा में विकास व सुशासन की दृष्टि से व्यवस्था परिवर्तन का कार्य किया। अब हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह उन नीतियों को आगे बढ़ा रहे है।
कार्यक्रम में विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि पीएम किसान सम्मान योजना का आरंभ वित्तीय वर्ष 2018-19 में हुआ। योजना का उद्देश्य भारत के सभी कृषि योग्य भूमि धारक किसानों को कृषि सामग्री की खरीद के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के 85 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी छोटे व सीमांत किसान हंै। उन्होंने बताया कि इस योजना में किसानों को दो हजार रुपए की तीन समान-किस्तों में सालाना छह हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है जोकि किसानों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से सीधे ट्रांसफर होती है। उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पति-पत्नी व नाबालिग बच्चे वाले एक परिवार को एक पात्र यूनिट माना गया है। पात्र परिवार के किसी भी एक सदस्य के नाम खेती योग्य भूमि राजस्व विभाग जमाबंदी रिकार्ड के अनुसार एक फरवरी 2019 से पहले दर्ज हो, वे इस योजना के लाभ के लिए आवेदन कर सकते हैं। अगर किसी किसान की मृत्यु इससे पहले हो जाती है और उसके उत्तराधिकारी का नाम इंतकाल में एक फरवरी 2019 के बाद भी दर्ज होता है और उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो तो वह इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र है।
एनडीआरआई के निदेशक धीर सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि एनडीआरआई संस्थान ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं जिससे संस्थान गौरवान्वित है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री समय-समय पर देश के अन्नदाताओं को उनके खाते में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से सीधी राशि देने का काम कर रहे है।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीन लाठर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना लागू करके न केवल किसानों को आर्थिक लाभ पहुंचाने का कार्य किया है बल्कि उन्हें सम्मान देने का भी काम किया है। उन्होंने कहा कि भले ही यह राशि छोटी हो लेकिन छोटे किसानों के लिए एक बहुत बड़ी राहत है। क्योंकि इस राशि से किसान बीज, खाद व कीटनाशक दवाइयों आदि का प्रबंध कर सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार किसानों की फसलों को एमएसपी पर खरीद रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की मांग पर हरियाणा सरकार ने अबकी बार धान को निर्धारित समय अवधि के बजाय एडवांस में खरीदने की प्रक्रिया शुरू की थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसान हितैषी सरकार है। किसान भाइयों को किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है।
डीडीए एग्रीकल्चर डॉ वजीर सिंह ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत जिला में 98 हजार किसान पंजीकृत हैं। जिनमें से करीब 78 हजार किसानों को आज 21वीं किस्त के तहत करीब 14 करोड़ रुपये की राशि सीधे किसानों के खाते में प्रधानमंत्री के द्वारा भेजी गई है। उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लिए पंजीकरण करने के लिए पीएम-किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जिला में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगा है। पिछले वर्ष जिला में पराली जलाने की घटनाओं से संबंधित 96 लोकेशन आई थी लेकिन इस वर्ष केवल 18 लोकेशन मिली हैं। फसल अवशेष प्रबंधन में इस वर्ष करनाल जिला प्रदेश में अग्रणी रहा है।
कार्यक्रम में गगसीना गांव के प्रगतिशील किसान जगबीर ने गन्ना उत्पादन के नवाचार, पशुपालक किसान ओम प्रकाश ने जलवायु परिवर्तन से पशुओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव और उनसे बचाव के तरीके, डॉ गोपाल संापला ने पशुओं को चीचड़ से बचाव व थनेला की बीमारी से बचाव व उनके सही खानपान के बारे में तथा प्रगतिशील किसान सतीश कुमार ने प्राकृतिक खेती, एफपीओ संचालक राजबाला मान ने डेयरी फार्मिंग, खेती बाड़ी में महिलाओं के सशक्तिकरण के बारे में जानकारी दी।
