पौधारोपण कर मनाई गई अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद की 120वीं जयंती

हांसी:– शहीद भगत सिंह संगठन समिति की ओर से प्रधान सरदार कृष्ण सिंह इलावादी की अध्यक्षता में शहीद भगत सिंह पार्क एवं शहीद मदन लाल ढींगड़ा पार्क में क्रांतिकारी अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद की 120वीं जयंती पौधारोपण कर श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने शहीद चन्द्रशेखर आजाद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा "शहीद चन्द्रशेखर आजाद अमर रहें" के नारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ओमप्रकाश मुंजाल तथा विशिष्ट सहयोगी सुभाष महता उपस्थित रहे।
समिति के प्रधान सरदार कृष्ण सिंह इलावादी ने अपने संबोधन में कहा कि चन्द्रशेखर आजाद का जन्म मध्यप्रदेश के भामरा गांव में हुआ था। उन्होंने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे क्रांतिकारियों के साथ मिलकर देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराने का संकल्प लिया और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
किशोरी नागपाल ने कहा कि चन्द्रशेखर आजाद ने प्रण लिया था कि "मैं आजाद हूं और आजाद ही रहूंगा।" उन्होंने बताया कि जब अंग्रेजी सैनिकों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया तो गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अपनी अंतिम गोली स्वयं पर चलाकर मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
मनु भाई सचदेवा (ड्रेस वाले) ने कहा कि यदि शहीदों ने अपने प्राणों का बलिदान नहीं दिया होता, तो आज देशवासी स्वतंत्र भारत में सांस नहीं ले रहे होते। उन्होंने युवाओं से शहीदों के आदर्शों पर चलने और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित होने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कश्मीरी लाल ग्रोवर, मनु भाई सचदेवा, किशोरी नागपाल, रोहित, ऋषि सागर, ओमप्रकाश मुंजाल, सन्नी नायक, सुभाष महता, कमल, राहुल, मलकीत, शिवा, अजय भारद्वाज, हमेश खुराना सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।