नवांशहर, 30 अक्टूबर (जतिंदर पाल सिंह क्लेर):- लुधियाना में एक बार फिर डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा के अपमान की घटना सामने आई है, जिसने पूरे पंजाब में चिंता और रोष पैदा कर दिया है। लुधियाना में इस तरह की यह तीसरी घटना बताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि पंजाब में यह इस प्रकार की 14वीं घटना है, जो राज्य के माहौल के लिए बेहद चिंताजनक है।
ये घटनाएं केवल किसी प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ तक सीमित नहीं हैं। डॉ. अंबेडकर जी का अपमान किसी एक व्यक्ति या वर्ग का अपमान नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों, समानता, न्याय और सामाजिक सम्मान पर सीधा हमला है। बाबा साहेब ने अपना पूरा जीवन वंचित और शोषित वर्गों के अधिकारों, शिक्षा और सामाजिक समानता के लिए समर्पित किया। उनके सम्मान को ठेस पहुंचाना पूरे समाज की अंतरात्मा को ठेस पहुंचाने के समान है।
इस घटना के बाद लोगों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। विभिन्न संगठनों और सामाजिक नेताओं ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है और मांग की है कि ऐसी घटनाओं को अब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
मिसल सतलुज पार्टी की ओर से भी इस घटना की कड़ी निंदा की गई है। पार्टी के दोआबा जोन के अध्यक्ष तेजविंदर सिंह तेजा मंगट रेलमाजरा ने कहा कि लुधियाना पुलिस प्रशासन को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मांग की कि आरोपियों की तुरंत पहचान करके उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी घिनौनी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
तेजी मंगट ने कहा कि बाबा साहेब सभी के साझा हैं और उनका सम्मान करना हर भारतीय का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि यदि आरोपियों को सजा नहीं मिली तो लोगों का कानून पर से विश्वास उठ जाएगा। प्रशासन को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले को हल्के में न लिया जाए और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करके कानून के सामने लाया जाए।
