रतिया, 23 अक्टूबर (एडवोकेट गुरप्रीत सिंह मंडेर):- एसडीएम सुरेन्द्र सिंह ने पराली प्रबंधन को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों, पटवारियों, ग्राम सचिवों, नंबरदारों तथा संबंधित विभागों के कर्मचारियों के साथ बैठक की। बैठक में फसल अवशेष प्रबंधन और पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी रखें और किसानों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांवों में किसानों से संपर्क कर उन्हें फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक करें। किसानों को पराली के उचित प्रबंधन के लिए उपलब्ध कृषि यंत्रों और अन्य विकल्पों की जानकारी दें, ताकि फसल अवशेषों का उचित निस्तारण किया जा सके। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी आपसी तालमेल के साथ कार्य करें तथा अपने क्षेत्र में पराली प्रबंधन से संबंधित गतिविधियों पर लगातार नजर रखें।
एसडीएम सुरेन्द्र सिंह ने निर्देश दिए कि पराली जलाने की किसी भी घटना की सूचना मिलने पर संबंधित अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करें। उन्होंने डायल 112 और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को विशेष रूप से निर्देश दिए कि पराली में आग लगने की सूचना मिलने पर बिना किसी देरी के घटनास्थल पर पहुंचें और आग पर काबू पाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है तथा मिट्टी की उर्वरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही आग लगने की घटनाओं से आसपास के खेतों, पेड़-पौधों और अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं और किसानों को पराली का उचित प्रबंधन करने के लिए प्रेरित करें।
एसडीएम ने कहा कि पराली प्रबंधन को सफल बनाने के लिए प्रशासन, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, पंचायत विभाग और पुलिस सहित सभी संबंधित विभागों का समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुसार कार्य करते हुए पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।
इस अवसर पर डीएसपी कुलवंत सिंह, नायब तहसीलदार बलवान सिंह, बीडीपीओ अनिल कुमार, विकास लाग्यान, कृषि नोडल अधिकारी बिजेंद्र सिंह, एईई फतेहाबाद प्रशांत, एसडीओ फतेहाबाद संजय कुमार, बीएओ संदीप बिडलान, कानूनगो पृथ्वीराज, डॉ राहुल, नरेश कुमार, हिमांशु सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
