हांसी (दिनकर गावड़ी):- हांसी के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में हांसी पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस आमजन को नशे के नुकसान के प्रति जागरूक कर रही है और युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दे रही है। पुलिस अधीक्षक ने युवाओं, अभिभावकों और आमजन से अपील की है कि वे नशे से दूर रहें और नशामुक्त समाज बनाने में अपना सहयोग दें।
एसपी विनोद कुमार ने कहा कि नशा व्यक्ति की सेहत, पढ़ाई, रोजगार और पारिवारिक जीवन को नुकसान पहुंचाता है। नशे की लत में पड़कर युवा अपना भविष्य खराब कर सकते हैं। कई बार गलत संगत, दोस्तों के दबाव या किसी के बहकावे में आकर युवा नशे की शुरुआत कर देते हैं। इसलिए युवाओं को ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए, जो उन्हें नशे की ओर ले जाते हैं। उन्हें अपना ध्यान पढ़ाई, खेलकूद और अच्छे कार्यों में लगाना चाहिए तथा अपना भविष्य बेहतर बनाने के लिए मेहनत करनी चाहिए।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। नशे का कारोबार युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाता है और परिवारों को परेशानी में डालता है। इसे रोकने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को अपने आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना पुलिस को दें। नशे के कारोबार को रोकने में आमजन का सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है। नागरिकों को स्वयं किसी संदिग्ध व्यक्ति से भिड़ने के बजाय पुलिस को जानकारी देनी चाहिए।
एसपी ने अभिभावकों से कहा कि वे अपने बच्चों के साथ समय बिताएं और उनकी दिनचर्या, मित्रों तथा व्यवहार पर ध्यान दें। बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई देने या पढ़ाई में रुचि कम होने पर उनसे प्यार से बातचीत करें और उनकी परेशानी समझने का प्रयास करें। बच्चों को नशे के नुकसान के बारे में बताएं और उन्हें खेलकूद, शिक्षा तथा अन्य अच्छी गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। परिवार का सहयोग और सही मार्गदर्शन युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से बचाने में अहम भूमिका निभाता है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशे की लत से जूझ रहे व्यक्ति को ताने देना, उसका मजाक उड़ाना या उसे समाज से अलग करना सही नहीं है। ऐसे व्यक्ति को समझाने और सही इलाज दिलाने में मदद करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर, विशेषज्ञ या नशामुक्ति केंद्र से सहायता लेनी चाहिए। परिवार और समाज का सहयोग मिलने से व्यक्ति को नशा छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।
एसपी विनोद कुमार ने युवाओं, माता-पिता, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएं और युवाओं को नशे से दूर रखने में अपनी भूमिका निभाएं। नशे की रोकथाम केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें पूरे समाज का सहयोग जरूरी है।
