नवांशहर, 13 अक्तूबर (गुरबख्श सिंह महे):- फरवरी 2027 में श्री गुरु रविदास महाराज जी का 650वां प्रकाश पर्व श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाने के लिए पवित्र स्थल चरणछोह गंगा, श्री खुरालगढ़ साहिब में बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसकी शुरुआत 65 बाई 200 फुट के शेड का निर्माण करके की जा रही है। यह जानकारी समिति के प्रधान संत सुरिंदर दास ने संगत को संबोधित करते हुए दी।
उन्होंने बताया कि इस पावन आयोजन को यादगार बनाने के लिए प्रबंधकों, सेवादारों और संगत द्वारा विभिन्न सेवाओं की जिम्मेदारियां संभाली जा रही हैं। श्री गुरु रविदास महाराज जी का 650वां प्रकाश पर्व समूचे आदि धर्मी समाज और गुरु महाराज जी की विचारधारा से जुड़ी संगत के लिए विशेष महत्व रखता है। इस ऐतिहासिक अवसर को समर्पित आयोजनों के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के चरणछोह गंगा, श्री खुरालगढ़ साहिब में नतमस्तक होने की उम्मीद है।
इसे ध्यान में रखते हुए संगत की सुविधा के लिए लंगर, पीने के पानी, वाहनों की पार्किंग, सफाई, आवास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रबंधकों द्वारा सेवादारों की अलग-अलग टीमें बनाने और संगत की आमद को ध्यान में रखते हुए जरूरी प्रबंध करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
समिति के चेयरमैन श्री नाजर राम मान और राजनीतिक विंग से संबंधित स्वागत समिति के प्रभारी जगदीश कुमार ने कहा कि संगत की ओर से चरणछोह गंगा में हर सप्ताह कोई न कोई कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसके लिए समिति द्वारा लंगर आदि के प्रबंध किए जाते हैं। हालांकि, समिति का बड़ा आयोजन 31 दिसंबर 2026 की रात और 1 जनवरी 2027 को होगा, जबकि 650वां गुरुपर्व प्रबंधक समिति द्वारा फरवरी में आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा समिति का अपना कोई अन्य कार्यक्रम नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान धार्मिक दीवान सजाए जाएंगे और संगत को गुरु महाराज जी की वाणी, शिक्षाओं तथा मानवता को दिए गए समानता, भाईचारे और आपसी सद्भाव के संदेश से अवगत कराया जाएगा। श्री गुरु रविदास महाराज जी ने अपनी पवित्र वाणी के माध्यम से जात-पात, ऊंच-नीच और सामाजिक भेदभाव का विरोध करते हुए समानता, श्रम, सत्य और मानवीय एकता का संदेश दिया। उनके द्वारा प्रस्तुत ‘बेगमपुरा’ की अवधारणा आज भी ऐसे समाज की प्रेरणा देती है, जहां किसी के साथ भेदभाव न हो और हर व्यक्ति को समान सम्मान तथा अधिकार प्राप्त हों।
प्रबंधकों ने सभी संगतों से 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित समारोहों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और तन, मन तथा धन से सेवा में योगदान देने की अपील की। चरणछोह गंगा, श्री खुरालगढ़ साहिब में तैयारियां शुरू होने से संगत में भारी उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।
इस अवसर पर संत गिरधारी लाल, बाबा दयाल चंद बंगा, संत करम चंद, मनजीत मुगोवाल, सुखचैन सिंह काला सहित कई अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
