अंबाला, 28 अक्टूबर (आर. सिंह):- ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अंबाला शहर के अध्यक्ष विनोद धीमान को आज सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने उनके घर के पास से हिरासत में ले लिया। उन्होंने कल हरियाणा के मंत्री अनिल विज की कथित विवादित टिप्पणियों के विरोध में भाजपा कार्यालय के बाहर पुतला फूंकने का ऐलान किया था। मिली जानकारी के अनुसार, सिटी थाना प्रभारी सुनीता ढाका पुलिस चौकी नंबर 4 और 1 के अधिकारियों सहित करीब 30 से 40 पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस विनोद धीमान को हिरासत में लेकर कोतवाली थाने ले गई।

विनोद धीमान को हिरासत में लिए जाने की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रोष फैल गया। सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस भवन में एकत्र हुए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कोतवाली थाने की ओर रवाना हो गए। अंबाला शहर के विधायक चौधरी निर्मल सिंह के हस्तक्षेप के बाद विनोद धीमान को दोपहर करीब 1 बजे रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद उन्होंने समर्थन में पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया।

मीडिया से बातचीत करते हुए विनोद धीमान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ अनिल विज द्वारा की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में पुतला फूंकने का ऐलान किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन होने से पहले ही पुलिस प्रशासन ने सुबह 7 बजे उन्हें हिरासत में लेकर लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास किया।

विनोद धीमान ने कहा कि इंडियन नेशनल कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई थी और उसने देश के स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को अंग्रेजों की “नाजायज औलाद” कहकर अनिल विज ने न केवल कांग्रेस पार्टी, बल्कि देश की आजादी के लिए लड़ने वाले असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के योगदान का भी अपमान किया है। उन्होंने कहा कि देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर, शहीद-ए-आजम भगत सिंह, शहीद ऊधम सिंह, मौलाना अबुल कलाम आजाद और अशफाकउल्ला खान जैसी महान हस्तियों के संघर्ष और बलिदान को कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि अनिल विज को स्वतंत्रता आंदोलन में कांग्रेस के योगदान पर सवाल उठाने से पहले इतिहास का अध्ययन करना चाहिए।

भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए विनोद धीमान ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग की राजनीतिक भूमिका तथा कुछ प्रांतीय सरकारों में उनकी भागीदारी इतिहास का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले भाजपा नेताओं को अपने राजनीतिक इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनकी विचारधारा की भूमिका पर भी चर्चा करनी चाहिए।

विनोद धीमान ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ दलित नेता श्री मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कथित तौर पर “काले मुंह वाला” जैसी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की जाति या रंग को निशाना बनाकर की गई टिप्पणियां उसके सम्मान पर हमला हैं। ऐसे बयान सामाजिक समानता, संवैधानिक मूल्यों और दलित समुदाय के सम्मान के विरुद्ध हैं।

उन्होंने कहा कि अनिल विज जैसे वरिष्ठ मंत्री से अपेक्षा की जाती है कि वे शालीन भाषा का इस्तेमाल करें और सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी से व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी भी नेता द्वारा जाति, रंग या सामाजिक पहचान के आधार पर अपमानजनक टिप्पणी करना अस्वीकार्य है। उन्होंने मांग की कि अनिल विज अपने बयान पर स्पष्टीकरण दें और यदि उन्होंने ऐसी टिप्पणी की है तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

विनोद धीमान ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस हिरासत या सरकारी दबाव से नहीं डरते। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असहमति को दबाने के लिए प्रशासनिक शक्ति का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। यदि सरकार अपने आलोचकों की आवाज दबाने का प्रयास करेगी, तो कांग्रेस कार्यकर्ता जनहित के मुद्दों को और जोर-शोर से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय और लोगों के अधिकारों की रक्षा आज देश के सामने सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार इन मुद्दों को उठाते रहे हैं और कांग्रेस पार्टी संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।

विनोद धीमान ने बताया कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता आगामी 1 तारीख को होने वाली “वोट बचाओ, देश बचाओ” रैली की तैयारियों के संबंध में बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली में हैं। वरिष्ठ नेताओं के लौटने के बाद आगामी आंदोलन की रणनीति बनाने और निर्णय लेने के लिए सभी के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व पार्षद मिथुन वर्मा, हरजीत सिंह बबलू, पार्षद राजविंदर कौर, रोहित शर्मा विशू, दविंदर गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद थे।