चंडीगढ़, 23 अक्टूबर:- पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के प्रश्नकाल के दौरान साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) से आम आदमी पार्टी के विधायक कुलवंत सिंह ने मोहाली में आरक्षित दरों पर आवंटित निजी अस्पतालों में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के मुफ्त इलाज का मुद्दा उठाया।
विधायक कुलवंत सिंह ने बताया कि सरकार ने मोहाली में निजी अस्पतालों को जमीन बाजार दरों पर नहीं, बल्कि आरक्षित दरों पर आवंटित की थी। इन निजी अस्पतालों के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई थीं और इस संबंध में आवंटन पत्र भी जारी किया गया था। इन शर्तों में पीले कार्ड धारकों, EWS श्रेणी के मरीजों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का मुफ्त इलाज करना शामिल था। इसके तहत 10 प्रतिशत ओपीडी सेवाएं और 5 प्रतिशत इनडोर उपचार मुफ्त उपलब्ध कराया जाना था। इन अस्पतालों का आवंटन वर्ष 2000 से शुरू हुआ था।
विधायक ने कहा कि इस मुद्दे पर किसी ने ध्यान नहीं दिया और न ही शर्तों को लागू करवाने के लिए कदम उठाए गए। कुलवंत सिंह ने पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह से पूछा कि क्या सरकार निजी अस्पतालों से इन शर्तों को लागू करवाएगी और उनसे यह पूछा जाएगा कि अब तक कितने मरीजों का मुफ्त इलाज किया गया है। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि मुफ्त इलाज नहीं किया गया, तो ऐसा क्यों हुआ।
कुलवंत सिंह ने कहा कि इन निजी अस्पतालों के लिए कोई विशेष नियामक प्राधिकरण नहीं बनाया गया है। उन्होंने पूछा कि पंजाब सरकार इन अस्पतालों में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के मुफ्त इलाज को सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार भारी बिलों का भुगतान न कर पाने के कारण परिवारों को अपने मृत परिजनों के शव तक ले जाने नहीं दिए जाते। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई नियामक प्राधिकरण बनाने पर विचार कर रही है।
विधायक कुलवंत सिंह के सवालों पर पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आश्वासन दिया कि विधायक द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार के पास नियामक निकाय हैं, जो समय-समय पर सामने आने वाली समस्याओं को नियंत्रित करते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य और सिविल सर्जन स्तर पर समितियां गठित हैं, जो संबंधित समस्याओं का समाधान करती हैं।
