गढ़शंकर, 10 अक्तूबर (हरि कृष्ण गंगड़):- क्षेत्र के श्री गुरु गोबिंद सिंह खालसा कॉलेज, माहिलपुर में इतिहास विभाग की ओर से “भारत में औपनिवेशिक शासन और अर्थव्यवस्था” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, जालंधर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. तारिक अहमद शेख ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की।
कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य प्रोफेसर आराधना दुग्गल ने स्वागत भाषण दिया और विद्यार्थियों को ऐसे अकादमिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इतिहास विभाग के प्रमुख डॉ. देव कुमार ने मुख्य वक्ता डॉ. तारिक अहमद शेख की शैक्षणिक उपलब्धियों के बारे में बताया। उन्होंने ब्रिटिश शासन के दौरान देश की अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभावों पर भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. तारिक अहमद ने प्लासी और बक्सर की लड़ाइयों से पहले ईस्ट इंडिया कंपनी के शुरुआती व्यापारिक प्रयासों से लेकर 1857 के विद्रोह तक देश की अर्थव्यवस्था पर औपनिवेशिक शासन की नीतियों के प्रभाव के बारे में बताया। उन्होंने पहले ईस्ट इंडिया कंपनी और बाद में शासकों के रूप में अंग्रेजों के औपनिवेशिक शासन के भारत की कृषि, घरेलू उद्योगों, हस्तशिल्प, कारीगरी और अन्य व्यवसायों पर पड़े प्रभाव तथा देश की लगातार बिगड़ती आर्थिक स्थिति पर शोधपरक विचार प्रस्तुत किए।
इसके बाद उन्होंने 1947 तक देश की कृषि अर्थव्यवस्था, मजदूरों, कृषि-आधारित व्यवसायों और श्रम से जुड़े अन्य पेशों पर पड़े प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था का इस्तेमाल ब्रिटिश साम्राज्यवादी हितों की पूर्ति के लिए किया गया। व्याख्यान के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के साथ प्रश्न-उत्तर भी किए।
मंच संचालन डॉ. देव कुमार ने किया। इस अवसर पर प्रोफेसर अनिल कलसी, डॉ. जे. बी. सेखों, डॉ. आरती शर्मा, डॉ. तारा देवी, प्रोफेसर कंचन, डॉ. राजिंदर प्रसाद, प्रोफेसर अमनदीप कौर, प्रोफेसर अशोक कुमार सहित विद्यार्थी उपस्थित थे।
