नवांशहर, 28 अक्टूबर (जतिंदरपाल सिंह कलेर / हरसिमरन जोत सिंह कलेर):- करवा चौथ भारतीय संस्कृति की उन परंपराओं में से एक है, जो महिलाओं की आस्था, पारिवारिक जुड़ाव और लोकजीवन की रीति-रिवाजों को दर्शाती है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। व्रत, पूजा, चांद के दर्शन और पारिवारिक रस्में इस त्योहार के महत्वपूर्ण पहलू हैं। समय के बदलाव के बावजूद इस त्योहार से जुड़ी कई परंपराएं आज भी लोगों के जीवन का हिस्सा बनी हुई हैं।

करवा चौथ का त्योहार नजदीक आने के साथ ही महिलाओं में उत्साह बढ़ने लगा है। त्योहार की आमद से शहर के बाजारों में रौनक लौट रही है और कपड़ों, चूड़ियों, कॉस्मेटिक्स व अन्य श्रृंगार के सामान की दुकानों पर खरीदारी तेज हो रही है। त्योहार से जुड़ी परंपराओं को निभाने और सजने-संवरने के लिए महिलाएं अपनी पसंद के अनुसार सामान खरीद रही हैं। इसके साथ ही मेहंदी लगाने वालों और ब्यूटी पार्लरों में भी अग्रिम बुकिंग शुरू हो गई है।

करवा चौथ के अवसर पर सजने-संवरने की परंपरा का विशेष महत्व है। इसी कारण महिलाएं अपने पहनावे को लेकर खास दिलचस्पी दिखा रही हैं। कोई अपनी पसंद के रंग का सूट खरीद रही है, तो कोई अपने पहनावे से मेल खाती चूड़ियां, बिंदियां, गहने और अन्य श्रृंगार सामग्री चुन रही है। दुकानों में रंग-बिरंगी चूड़ियों और सजावटी वस्तुओं की कतारें त्योहार के माहौल को और आकर्षक बना रही हैं।

महिलाओं की खरीदारी में पारंपरिक पहनावों के साथ-साथ आधुनिक डिजाइनों वाले सूटों और श्रृंगार की वस्तुओं के प्रति भी रुचि दिखाई दे रही है। कई महिलाएं अपने पहनावे के रंग और डिजाइन के अनुसार चूड़ियां व गहने चुन रही हैं, ताकि त्योहार वाले दिन उनका पहनावा और श्रृंगार एक-दूसरे के अनुरूप नजर आए। खरीदारी के दौरान महिलाएं अपनी पसंद के साथ-साथ बजट का भी ध्यान रख रही हैं।

मेहंदी लगवाना भी इस त्योहार से जुड़ी एक प्यारी परंपरा है। महिलाएं अपने हाथों पर अलग-अलग डिजाइनों की मेहंदी लगवाने के लिए उत्सुक हैं। त्योहार वाले दिन अधिक भीड़ होने की संभावना को देखते हुए महिलाएं मेहंदी लगाने वालों से पहले ही समय तय करवा रही हैं।

इसी तरह ब्यूटी पार्लरों में भी मेकअप, हेयर स्टाइल और अन्य सौंदर्य सेवाओं के लिए अग्रिम बुकिंग शुरू हो गई है। त्योहार नजदीक आने के साथ इन सेवाओं की मांग और बढ़ने की उम्मीद है। इस तरह मेहंदी के रंग, चूड़ियों की खनक और पारंपरिक पहनावों से जुड़ी तैयारियां करवा चौथ के सांस्कृतिक रंग को और निखार रही हैं।

करवा चौथ की तैयारियों ने बाजारों में रौनक बढ़ाने के साथ-साथ त्योहार के सांस्कृतिक रंग को भी गहरा करना शुरू कर दिया है। कुल मिलाकर, त्योहार के नजदीक आने से शहर के बाजारों में उत्सवी माहौल बनने लगा है। महिलाओं के लिए यह दिन जहां आस्था और परंपरा से जुड़ा है, वहीं सजने-संवरने, पारिवारिक जुड़ाव मजबूत करने और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का अवसर भी है।