करनाल: जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी), करनाल के जिला अध्यक्ष पराग गाबा को 8 अक्तूबर की रात 8 बजे से हाउस अरेस्ट किए जाने के विरोध में शनिवार को कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय, मॉल रोड, करनाल में एकजुट होकर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने पराग गाबा का हालचाल जाना और उनकी स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन से उन्हें तुरंत रिहा करने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी के आह्वान पर 12 अक्तूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरने से पहले जिला अध्यक्ष पराग गाबा को घर में कैद करना कई सवाल खड़े करता है। आखिर जनता की आवाज उठाने वालों से सरकार इतना डर क्यों रही है? अगर अपनी बात रखना और सरकार से सवाल पूछना गलत नहीं है, तो फिर एक जिला अध्यक्ष को घर में कैद क्यों किया जा रहा है?

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात पैदा किए जा रहे हैं। सरकार के खिलाफ बोलने वालों और जनता के मुद्दे उठाने वालों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है। सरकार को सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि सवाल पूछने वालों को घरों में बंद करना चाहिए।

दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर भारी पुलिस बल की तैनाती पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार शांतिपूर्ण विरोध से भी घबराई हुई नजर आ रही है। पुलिस बल लगाकर आवाज को रोका जा सकता है, लेकिन जनता के मन में उठ रहे सवालों को खत्म नहीं किया जा सकता। लोकतंत्र में ताकत जनता के विश्वास से मिलती है, डर और दबाव से नहीं।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पराग गाबा को हाउस अरेस्ट करना केवल एक नेता को रोकने का मामला नहीं है, बल्कि यह विपक्ष की आवाज और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा सवाल है। जब जनता की समस्याएं उठाने वाले नेताओं को ही घरों में सीमित कर दिया जाएगा, तो आम आदमी की आवाज कौन उठाएगा? कांग्रेस कार्यकर्ता ऐसी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की कि जिला अध्यक्ष पराग गाबा को तत्काल हाउस अरेस्ट से मुक्त किया जाए और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए। पार्टी ने स्पष्ट किया कि 12 अक्तूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरने के समर्थन में कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार जनता से बड़ी नहीं होती और संविधान से ऊपर कोई नहीं है। जनता की आवाज को दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। सवाल पूछना हमारा अधिकार है और जनता के हक की लड़ाई लड़ना हमारी जिम्मेदारी है।