नवांशहर, 28 अक्टूबर (जतिंदर पाल सिंह कलेर):- दिवाली, करवा चौथ, अहोई अष्टमी और धनतेरस जैसे वर्ष के प्रमुख त्योहारों को देखते हुए बाजारों में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। मिलावटखोरी पर रोक लगाने और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रमुख समाजसेवी जत्थेदार सुरजीत सिंह दोभाली ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि त्योहारों के मौसम में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि मिलावटी सामान की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाई जा सके।
जत्थेदार सुरजीत सिंह दोभाली ने कहा कि दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में मिलावटी खोया, घी और तेल जैसी वस्तुओं की बिक्री लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। मुनाफे की खातिर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मिठाई विक्रेताओं से भी अपील की कि वे मिठाइयां तैयार करने के लिए शुद्ध दूध, घी, तेल और खोये का इस्तेमाल करें तथा गुणवत्ता संबंधी मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
त्योहार खुशियां बांटने का अवसर होते हैं, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही लोगों की खुशियों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में नहीं बदलनी चाहिए। आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, पैकिंग, समाप्ति तिथि और निर्माण संबंधी जानकारी की जांच अवश्य करनी चाहिए। केवल सस्ते दाम के लालच में आकर स्वास्थ्य से समझौता नहीं करना चाहिए। खरीदारी के लिए भरोसेमंद दुकानों और स्टोरों को प्राथमिकता देने के साथ-साथ बिल भी जरूर लेना चाहिए, ताकि किसी वस्तु में कमी पाए जाने पर संबंधित विक्रेता की जवाबदेही तय की जा सके।
