फतेहाबाद, 23 अक्टूबर (एडवोकेट गुरप्रीत सिंह मंडेर):- हरियाणा की भाजपा सरकार जनहित और कर्मचारियों के हितों को ताक पर रखकर बिजली विभाग को निजी हाथों में सौंपने की साजिश रच रही है। गुरुग्राम और नूंह जिलों में निजी कंपनी ‘इलेवन पावर’ को 25 वर्षों के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने का फैसला पूरी तरह कर्मचारी विरोधी और जनविरोधी है। हम सरकार की इस तानाशाही नीति को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे। इनेलो बिजली कर्मचारियों के इस संघर्ष में पूरी ताकत से उनके साथ खड़ी है।

यह बात इनेलो की महिला प्रदेश प्रभारी सुनैना चौटाला ने शुक्रवार को फतेहाबाद के भट्टू रोड स्थित बिजली घर में दूसरे दिन भी जारी बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को संबोधित करते हुए कही। इनेलो नेता और कार्यकर्ता पार्टी कार्यकर्ता भागीराम सोनी की दुकान पर एकत्रित हुए। वहां से जिलाध्यक्ष बिकर सिंह हड़ौली और सुनैना चौटाला के नेतृत्व में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए रेड लाइट के नजदीक स्थित बिजली घर पहुंचे और धरने पर बैठे कर्मचारियों को अपना पूर्ण समर्थन दिया।

धरने को संबोधित करते हुए सुनैना चौटाला ने कहा कि हरियाणा बिजली नियामक आयोग द्वारा गुरुग्राम और नूंह जिलों में निजी कंपनी को 25 साल का समानांतर लाइसेंस देना इस बात का प्रमाण है कि सरकार बिजली क्षेत्र को पूरी तरह निजी घरानों के हवाले करना चाहती है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल बिजली कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय होगा, बल्कि आम उपभोक्ताओं पर भी भारी-भरकम बिजली बिलों का बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आज कर्मचारी वेतन या नौकरी के लिए नहीं, बल्कि जनता के हितों के लिए हड़ताल पर बैठे हैं। यह आम जनमानस की लड़ाई है और लोगों को कर्मचारियों का सहयोग करना चाहिए। सुनैना चौटाला ने कहा कि जब प्रदेश के बिजली मंत्री बिजली व्यवस्था संभाल नहीं पा रहे हैं और अपनी असमर्थता जता चुके हैं, तो ऐसे मंत्री के साथ मुख्यमंत्री को भी तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। इनेलो नेता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो इनेलो इस लड़ाई को सड़क से लेकर हर मंच पर मजबूती से लड़ेगी। इनेलो जिलाध्यक्ष बिकर सिंह हड़ौली ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी अपनी जायज मांगों और निजीकरण के खिलाफ हड़ताल पर हैं, जिससे आम जनता और किसानों को भी परेशानी हो रही है। इसके बावजूद सरकार तानाशाही रवैया अपनाए हुए है। इनेलो नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इस जनविरोधी फैसले को रद्द नहीं करती, तब तक इनेलो पार्टी कर्मचारियों के हर कदम पर उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी। इस अवसर पर हलका अध्यक्ष अंगद ढिंगंसरा, लीगल सेल प्रधान सुधीर, भागीराम सोनी, ईश्वर धांगड़, रामस्वरूप दुग्गल, अंजय मांजू, सुनील कम्बोज, उन्नत बैनीवाल, कृष्ण मांजू, नफे सिंह, पिताम्बर, सुशीला पिलानियां, अनिल सक्सेना, अमन शर्मा, राजेश शर्मा और सुमनलता सिवाच सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।