पटियाला, 7 नवंबर (मनप्रीत सिंह):- सरकारी और अर्ध-सरकारी विभागों के चौथे दर्जे के कर्मचारियों, चाहे वे अस्थायी हों या स्थायी, ने दिवाली के अवसर पर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित महंगाई भत्ते (डीए) की 3 प्रतिशत किस्त को दिवाली का तोहफा बताना कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के साथ धोखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से आउटसोर्स कर्मचारियों, सभी अस्थायी कर्मचारियों और योजना कर्मियों को कोई राहत नहीं दी गई है तथा उनके वेतन में भी वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के इन बयानों को भी छलावा बताया कि कर्मचारियों को विभागों में समायोजित किया जाएगा। उनका दावा था कि सरकारी और अर्ध-सरकारी क्षेत्र के लगभग 51 विभागों में एक भी आउटसोर्स कर्मचारी को विभाग में समायोजित नहीं किया गया है। आम आदमी सरकार के इस कथित धोखे के विरोध में कर्मचारियों ने काले वस्त्र पहनकर रोष प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पुरानी पेंशन योजना की बहाली से जुड़े मुद्दों पर लगातार धोखा कर रही है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों का असर 2027 के विधानसभा चुनावों में दिखाई देगा।
दिवाली से पहले कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और नारा बुलंद किया, “जो सरकार रोजी-रोटी नहीं दे सकती, वह निकम्मी है; जो सरकार निकम्मी है, उसे बदलना है।” इस अवसर पर सभी अस्थायी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 40,000 रुपये करने की मांग दोहराई गई। कर्मचारियों को बिना देरी नियमित करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने तथा महंगाई भत्ता और उसका बकाया जल्द जारी करने की मांग भी की गई। चौथे दर्जे के कर्मचारियों का वर्ष 2011 का विशेष वार्षिक वेतनवृद्धि लाभ बहाल करने की मांग भी जोरदार ढंग से उठाई गई। इसके अलावा, यूनियन के 16 सूत्रीय मांगपत्र का निपटारा करने की मांग की गई।
इस प्रेस नोट के माध्यम से रोष रैली को संबोधित करते हुए दर्शन सिंह लुबाना और राम लाल रामा ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने वन विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करते समय उनकी सेवा के दो वर्ष कम कर दिए हैं और सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से घटाकर 58 वर्ष कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कर्मचारियों के साथ एक और बड़ा धोखा करते हुए उनका मौजूदा वेतन 16,500 रुपये से घटाकर 15,000 रुपये निश्चित कर दिया गया है। उन्होंने इसे कर्मचारियों का आर्थिक शोषण बताया और कहा कि नियमों के अनुसार किसी कर्मचारी का मौजूदा वेतन कम नहीं किया जा सकता।
इस अवसर पर शिव चरण, प्रकाश लुबाना, इंदरपाल वालिया, बलविंदर सिंह, तरलोचन माड़ू, सुभाष, हरबंस सिंह वर्मा, राजेश सीएमओ, धर्मिंदर, रिशव, दर्शन सिंह मल्लेवाल, राम जोधा, अजय हैप्पी, विक्की सनौर, जसविंदर, काला राम, बुध राम, करमा नाभा, पवन कुमार और तरलोचन मंडोली सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
