एसएएस नगर, 21 अगस्त, 2024:- पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण और श्री अतुल कसाना, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, एसएएस नगर के निर्देशानुसार, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, एसएएस नगर ने एमिटी विश्वविद्यालय, मोहाली में पोक्सो अधिनियम 2012 पर एक संवेदनशीलता और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के छात्र और संकाय उपस्थित थे। सुश्री सुरभि पराशर, सीजेएम-सह-सचिव, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, एसएएस नगर ने पोक्सो अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं पर जोर दिया। बाल यौन शोषण मामलों से निपटने के लिए यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम, 2012 लागू किया गया है। यह अधिनियम 14 नवंबर, 2012 से लागू हुआ है। पोक्सो अधिनियम, 2012 बच्चों को यौन हमले, यौन उत्पीड़न और पोर्नोग्राफी के अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है न्यायिक प्रक्रिया के हर चरण में बच्चे के हितों की रक्षा की जाती है। POCSO अधिनियम के तहत, बच्चे का मतलब 18 वर्ष से कम आयु का कोई भी व्यक्ति है। इस अधिनियम के तहत किसी भी मीडिया रिपोर्ट में बच्चे की पहचान का खुलासा नहीं किया जाएगा, जिसमें उसका नाम, पता, फोटो, परिवार का विवरण, स्कूल, पड़ोस या कोई अन्य विवरण शामिल है, जिससे बच्चे की पहचान उजागर हो सकती है। खुलासा केवल विशेष न्यायालय की अनुमति से किया जा सकता है। विशेष न्यायालय बच्चे के हित में होने पर खुलासा करने की अनुमति दे सकता है।
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