नवांशहर, (देस राज बाली):- मानवता की सेवा के लिए लिया गया संकल्प जीवन के बाद भी समाज के काम आ सकता है। मृत्यु के बाद देहदान एक उत्कृष्ट पहल है, जिसके माध्यम से चिकित्सा शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और भविष्य के डॉक्टरों के प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। यह बात शहीद भगत सिंह नगर के सिविल सर्जन डॉ. अमन सूद ने गांव ऊदोवाल के देहदान करने वाले पति-पत्नी की पहल की सराहना करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त सैन्य नायक तरसेम सिंह, पुत्र श्री अमर चंद, और उनकी पत्नी श्रीमती कुलविंदर कौर द्वारा मृत्यु के बाद देहदान करने का संकल्प लेना समाज के लिए प्रेरणादायक है। देश की सेवा कर चुके सेवानिवृत्त सैनिक द्वारा मानवता के कल्याण के लिए ऐसा कदम उठाना सेवा-भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है।
सिविल सर्जन डॉ. अमन सूद ने कहा कि मानव शरीर चिकित्सा विद्यार्थियों को शरीर की संरचना और विभिन्न अंगों की कार्यप्रणाली को व्यावहारिक रूप से समझने में सहायता करता है। इससे चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को मजबूती मिलती है तथा भविष्य में मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए डॉक्टरों के प्रशिक्षण में योगदान होता है। उन्होंने कहा कि देहदान के बारे में समाज में जागरूकता फैलाना और लोगों को इसके महत्व के बारे में समझाना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने जिले के निवासियों से अपील की कि वे देहदान जैसे मानव कल्याण के कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त करें, अपने परिवार के सदस्यों के साथ इस विषय पर चर्चा करें और इच्छुक होने पर संबंधित चिकित्सा संस्थान की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीकरण करवाएं।
इस अवसर पर दोआबा सेवा समिति, नवांशहर के महासचिव श्री रतन कुमार जैन ने बताया कि समिति अब तक 153 लोगों को मृत्यु के बाद देहदान के लिए प्रेरित कर चुकी है। समिति देहदान के इच्छुक लोगों के फॉर्म भरवाने और उन्हें संबंधित चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने में सहयोग करती है, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीकरण करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि देहदान के बारे में जागरूकता फैलाना समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने जिले के निवासियों से अपील की कि वे इस नेक कार्य के महत्व को समझें और दूसरों को भी देहदान के लिए प्रेरित करें, ताकि मानव शरीर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के काम आ सके तथा मृत्यु के बाद भी मानवता की सेवा जारी रहे। उन्होंने यह भी बताया कि देहदान करने वाले दंपती ने अपने बेटे श्री हरकंवलजीत सिंह, बेटियों श्रीमती बलजिंदर कौर और श्रीमती पवनीदीप कौर तथा भाई श्री जसपाल सिंह की सहमति से यह संकल्प लिया। परिवार की ओर से इस नेक कार्य के लिए सहमति देना भी सामाजिक जागरूकता और मानवता के प्रति समर्पण की भावना को दर्शाता है।
इस अवसर पर कैप्टन सतनाम सिंह, सेवानिवृत्त अधीक्षक श्री अशोक शर्मा, श्री जगजीत राय और श्री गुरमीत राम उपस्थित थे। ब्लॉक समिति सदस्य श्री राकेश कुमार और श्री राम लुभाया ने इस अवसर पर गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए।
