‘वॉर ऑन ड्रग्स’; खलनायक बने नशा-तस्कर; हीरो बनी पुलिस।

करनाल, 24 सितम्बर: हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो पुलिस महानिदेशक श्री ओ.पी. सिंह के दिशानिर्देशों के अंतर्गत “नशे के विरुद्ध एक युद्ध” नामक संकल्प एवं आंदोलन हरियाणा के गाँव-गाँव तक चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया एवं मोहित हांडा (भापुसे) के कुशल नेतृत्व में यह अभियान चरम पर है। 
ब्यूरो के पुलिस उपाधीक्षक गजेंद्र कुमार के सर्वेक्षण के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी/उप-निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा नशे के विरुद्ध प्रचार-प्रसार के लिए नियुक्त हैं। 
वे साइकिल को साधन बनाकर नशा-मुक्त अभियान को जन-जन तक पहुँचाने में सक्रिय हैं। आज वे करनाल पहुँचे और भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के सहयोग से पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, करनाल में नशे के विरुद्ध एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय की ओर से यह कार्यक्रम मिनी शर्मा के नेतृत्व में हुआ।
भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव कुलबीर सिंह मलिक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आईडीयू की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, जो चिंता का विषय है। इसके कारण युवा एचआईवी पॉजिटिव हो रहे हैं। रेड क्रॉस इनके उपचार एवं परामर्श की व्यवस्था कर रहा है। उन्होंने सभी से सचेत होकर नशे से दूर रहने का आह्वान किया। 
ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी/उप-निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने भविष्य का स्वयं निर्माता है। यदि जीवन के प्रथम 25 वर्ष कठोर परिश्रम में लगाए जाएँ, तो आने वाले 50 वर्ष सुखमय हो सकते हैं। किंतु यदि मौज-मस्ती और नशे में पड़ गए तो भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। 
उन्होंने नशा-तस्करी में संलिप्त लोगों की निंदा करते हुए कहा कि नशा बेचकर धन कमाना न केवल पाप है बल्कि ऐसे व्यक्ति अपने परिवार को भी विषपान करा रहे हैं। नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट के अंतर्गत प्रतिबंधित मादक पदार्थ एवं औषधियाँ रखना, सेवन करना, क्रय-विक्रय करना अपराध है। यह अपराध न केवल दंडनीय है बल्कि सामाजिक रूप से बहिष्कृत भी है।
डॉ. वर्मा ने बताया कि ब्यूरो द्वारा 2023 में 3,823 अभियोगों में 6,615 नशा-तस्करों को और 2024 में 3,330 अभियोग अंकित कर 5,969 नशा-तस्करों को कारागार भेजा गया। इस वर्ष (17 सितंबर 2025 तक) 2,614 अभियोग अंकित किए गए हैं और 4,605 नशा-तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। इतना ही नहीं, इस वर्ष नशा-तस्करी में संलिप्त 87 लाख रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई है।
उन्होंने आगे कहा कि नशे को समूल नष्ट करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि कोई व्यक्ति नशे की दलदल में न फँसे।