उपराष्ट्रपति ने पीयू में एडवांस्ड इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी और टेक इनोवेशन फोरम का उद्घाटन किया

चंडीगढ़, 4 सितंबर:– भारत के उपराष्ट्रपति और पंजाब यूनिवर्सिटी के चांसलर श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने शुक्रवार को पंजाब यूनिवर्सिटी में एडवांस्ड इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी और पंजाब यूनिवर्सिटी टेक इनोवेशन फोरम (पीयू-टीआईएफ) का उद्घाटन किया। इस मौके पर 'ईपॉक 2026: ओडिसी ऑफ पीयू टेक इनोवेशन फोरम' कॉफी टेबल बुक भी जारी की गई।
उपराष्ट्रपति ने पीयू-टीआईएफ की सुविधाओं का दौरा कर शोधकर्ताओं, नवोन्मेषकों और स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध बुनियादी ढांचे के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्केल-अप फैसिलिटी और प्रोटीन प्यूरिफिकेशन प्लेटफॉर्म का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि एसएआईएफ/सीआईएल और पीयू-टीआईएफ यूनिवर्सिटी के शोध और नवोन्मेष इकोसिस्टम के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।
विद्यार्थियों, अध्यापकों और शोधार्थियों को संबोधित करते हुए श्री राधाकृष्णन ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी ने लंबे समय से राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध और नवोन्मेष के लिए विश्व स्तरीय केंद्र के रूप में उभर रहा है और यूनिवर्सिटी को भी इस यात्रा में अहम भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि एडवांस्ड इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी में एटॉमिक फोर्स माइक्रोस्कोप, रमन स्पेक्ट्रोमीटर, डीएनए सीक्वेंसर, फ्लो साइटोमीटर और एफटीआईआर स्पेक्ट्रोमीटर जैसे पांच उन्नत उपकरण स्थापित किए गए हैं। इनसे नैनो टेक्नोलॉजी, मैटेरियल्स साइंस, पर्यावरण विज्ञान और जीनोमिक्स में शोध को मजबूती मिलेगी।
पीयू-टीआईएफ के बारे में उन्होंने कहा कि बायोनेस्ट को सेक्शन-8 की गैर-मुनाफा कंपनी में बदलने से शोध, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी विकास के लिए नया संस्थागत ढांचा तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि अकादमिक संस्थाओं, उद्योग, इनक्यूबेटर और निवेशकों के साझा प्रयासों से नवोन्मेष को और गति मिल सकती है।
उपराष्ट्रपति ने युवा शोधकर्ताओं को समाज की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने वाले समावेशी और बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकने वाले नवोन्मेष विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कैंपस सुरक्षा को यूनिवर्सिटी की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए व्यापक सुरक्षा ऑडिट और बुनियादी ढांचे की समीक्षा के लिए कमेटी बनाए जाने की जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को नशों से दूर रहने और नशा-मुक्त भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की। साथ ही सेमीकंडक्टर और रोबोटिक्स जैसे नए विषयों की पढ़ाई को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
पंजाब के राज्यपाल और यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी में विश्व स्तरीय संस्था बनने की पूरी क्षमता है। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशीम कुमार घोष ने एसएआईएफ/सीआईएल और पीयू-टीआईएफ को बहु-विषयी शोध और स्टार्टअप्स के लिए महत्वपूर्ण बताया।
चंडीगढ़ के सांसद श्री मनीष तिवारी ने अत्याधुनिक तकनीक के महत्व पर जोर दिया। पीयू की वाइस चांसलर प्रो. मीनाक्षी गोयल ने कहा कि नई सुविधाएं शोध और नवोन्मेष को और मजबूत करेंगी। उपराष्ट्रपति ने पीयू की एनआईआरएफ में 35वें स्थान और नैक की ए++ ग्रेडिंग का जिक्र करते हुए यूनिवर्सिटी को दुनिया की सर्वोत्तम संस्थाओं में शामिल करने के लिए साझा प्रयासों का आह्वान किया।