डीएवी स्कूल पट्टी के विद्यार्थियों की आंखों की जांच के लिए लगाया गया विशेष शिविर
होशियारपुर:- बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल तथा आंखों से संबंधित समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ.मनदीप कमल के दिशा-निर्देशों तथा वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ.मनप्रीत सिंह बैंस के योग्य नेतृत्व में डी.ए.वी. स्कूल पट्टी के बच्चों की आंखों की स्क्रीनिंग सी.एच.सी. हार्टा बडला में करवाई गई। इस शिविर के दौरान ऑप्थेलमिक ऑफिसर श्री तरसेम लाल द्वारा बच्चों की आंखों की विस्तृत जांच की गई तथा उन्हें आंखों के स्वास्थ्य की देखभाल संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई।
स्क्रीनिंग के दौरान बच्चों की दृष्टि क्षमता (Visual Acuity) की जांच की गई और यह पता लगाया गया कि किसी बच्चे को दूर या पास की वस्तुओं को देखने में कोई परेशानी तो नहीं हो रही है। इसके अलावा आंखों में लालिमा, जलन, खुजली, पानी आना, दर्द, आंखों को बार-बार मलना, धुंधला दिखाई देना, सिरदर्द तथा पढ़ने या कक्षा में ब्लैकबोर्ड देखने में कठिनाई जैसे लक्षणों के बारे में भी जानकारी ली गई।
ऑप्थेलमिक ऑफिसर श्री तरसेम लाल ने बताया कि बच्चों में दृष्टि की कमी कई बार धीरे-धीरे विकसित होती है और बच्चे इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर सकते हैं। इसलिए स्कूली बच्चों की नियमित आंखों की स्क्रीनिंग बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि समय पर पहचान होने से दृष्टि संबंधी समस्याओं का उचित प्रबंधन किया जा सकता है और बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सकता है।
उन्होंने बच्चों को आंखों की उचित देखभाल के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि पढ़ाई करते समय किताब को आंखों से उचित दूरी पर रखना चाहिए और कम रोशनी में पढ़ने से बचना चाहिए। मोबाइल फोन, टैबलेट, कंप्यूटर तथा अन्य डिजिटल स्क्रीन का लंबे समय तक लगातार उपयोग नहीं करना चाहिए और बीच-बीच में आंखों को आराम देना चाहिए।
बच्चों को अपनी आंखों को गंदे हाथों से छूने तथा बार-बार मलने से बचने, व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने और किसी भी प्रकार की आंखों की समस्या होने पर अपनी मर्जी से दवा या आई ड्रॉप का इस्तेमाल न करने की सलाह दी गई। यदि आंखों में लगातार दर्द, लालिमा, पानी आना, धुंधला दिखाई देना या पढ़ते समय सिरदर्द हो, तो माता-पिता को विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेने के लिए कहा गया।
स्क्रीनिंग के दौरान जिन बच्चों में दृष्टि संबंधी किसी समस्या के संकेत पाए गए, उन्हें आवश्यकता के अनुसार आगे की जांच और उपचार के लिए उचित सलाह दी गई। माता-पिता को भी बच्चों की आंखों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई सलाह के अनुसार आगे की जांच करवाने के लिए कहा गया।
इस अवसर पर आंखों की देखभाल के संबंध में बच्चों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने के लिए भी प्रेरित किया गया। साथ ही हरी पत्तेदार सब्जियों, मौसमी फलों तथा अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करने के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। बच्चों को धूल-मिट्टी तथा अन्य प्रदूषण से आंखों की सुरक्षा करने के साथ-साथ स्वच्छता की अच्छी आदतें अपनाने के लिए भी कहा गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से माता-पिता एवं शिक्षकों से अपील की जाती है कि वे बच्चों की आंखों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें और यदि किसी बच्चे में दृष्टि संबंधी कोई लक्षण दिखाई दें तो उसकी आंखों की जांच अवश्य करवाएं। इस अवसर पर स्कूल की मेडिकल इंचार्ज अध्यापिकाएं श्रीमती पूजा एवं श्रीमती रीना उपस्थित थीं।
