60 की उम्र के बाद कान की नियमित जांच जरूरी: डॉ. जगपाल इंदर सिंह

पटियाला, 3 मार्च- बहरेपन की रोकथाम और नियंत्रण के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए, जिला स्वास्थ्य विभाग, पटियाला ने सिविल सर्जन डॉ. जगपाल इंदर सिंह के नेतृत्व में माता कुशलिया अस्पताल में विश्व श्रवण दिवस का आयोजन किया।
 इस अवसर पर सिविल सर्जन और स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा पोस्टर जारी किए गए। समागम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार आज पूरे विश्व में कम सुनने की क्षमता की समस्या का सबसे बड़ा कारण लंबे समय तक तेज आवाज में संगीत सुनना है और आज विश्व के 60 प्रतिशत युवा इस बीमारी से प्रभावित हैं। 
उन्होंने कहा कि कानों को साफ करने के लिए तेल या नुकीली वस्तुओं/माचिस की तीली/बडियों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। नवजात बच्चों का पूरा टीकाकरण करवाना चाहिए और कानों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष की आयु के बाद हर बुजुर्ग को अपने कानों की जांच करवाना जरूरी है। 
इस अवसर पर सीनियर मेडिकल अफसर माता कुशलिया अस्पताल डॉ. विकास गोयल, जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. सुमित सिंह, जिला मास मीडिया अफसर कुलवीर कौर, जिला बीसीसी कोऑर्डिनेटर जसबीर कौर, बीईई शायन जफर, बिटू कुमार, नर्सिंग विद्यार्थी व मरीज भी उपस्थित थे।