पेक के 200408 बैच के पूर्व विद्यार्थियों ने स्थापित की पुनीत एवं वीणू सोही पेक यंग अचीवर्स स्कॉलरशिप
चंडीगढ़, 24 अक्टूबर 2025: पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ के 2004–08 बैच के प्रतिष्ठित पूर्व विद्यार्थियों के एक समूह ने “पुनीत एवं वीणू सोही पेक यंग अचीवर्स स्कॉलरशिप” के तहत एक प्रेरणादायक पहल की है।
यह स्कॉलरशिप उनके प्रिय सहपाठी स्वर्गीय श्री पुनीत सोही और उनकी पत्नी श्रीमती वीणू सोही की स्मृति में उनके प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में स्थापित की गई है।
बैच के सामूहिक योगदान से नवंबर 2025 के अंत तक कुल ₹32 लाख की राशि इस छात्रवृत्ति निधि के रूप में दान की जाएगी। यह निधि एक ऐसे छात्र का सहयोग करेगी जो शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट है, पर आर्थिक रूप से कमजोर है, ताकि वह अपने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के दौरान बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी शिक्षा जारी रख सके।
छात्रवृत्ति का पहला साइकिल 2025–29 बैच के एक छात्र से प्रारंभ होगी, जिसे चार वर्षों तक निरंतर सहयोग प्राप्त होगा। इसके बाद अगला साइकिल 2029–33 बैच के एक छात्र के साथ प्रारंभ होगी, और इसी क्रम में यह छात्रवृत्ति निरंतर जारी रहेगी। इस प्रकार यह पहल आने वाले समय में सदैव पेक के योग्य विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध रहेगी। चयन प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी एवं योग्यता-आधारित होगी।
इस मौके पर प्रो. राजेश कुमार भाटिया (निदेशक, पेक), प्रो. राजेश कांडा (हेड, एलुमनाई, कॉरपोरेट एंड इंटरनेशनल रिलेशंस) तथा मिस सरुची शर्मा (मैनेजर, एलुमनाई, कॉरपोरेट एंड इंटरनेशनल रिलेशंस) उपस्थित रहे। 2004–08 बैच के प्रतिनिधि श्री मनु मनराय और श्री केतन चौधरी ने ऑनलाइन माध्यम से समारोह में भाग लिया।
इस परोपकारी पहल की सराहना करते हुए प्रो. राजेश कुमार भाटिया ने पूर्व विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “स्वर्गीय श्री पुनीत सोही की विरासत इस महान उद्देश्य के माध्यम से सदैव जीवित रहेगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”
प्रो. राजेश कांडा ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा, कि “पूर्व विद्यार्थियों के इस प्रकार के योगदान पेक में उत्कृष्टता, संवेदना और आत्मीयता की संस्कृति को और सुदृढ़ करते हैं।”
इसके साथ ही, श्री केतन चौधरी, जो इसी बैच के प्रतिष्ठित पूर्व विद्यार्थी हैं, पिछले कुछ वर्षों से प्रतिवर्ष लगभग ₹3.52 लाख का योगदान “पेक यंग अचीवर्स अवॉर्ड” पहल के अंतर्गत दे रहे हैं, जिससे चार मेधावी छात्रों को सहायता प्राप्त हो रही है। यह उनके और पेक के बीच सुदृढ़ और अटूट संबंध का प्रतीक है।
इस नई छात्रवृत्ति की स्थापना श्री मनु मनराय और श्री केतन चौधरी के अथक प्रयासों और समर्पण से संभव हो पाई है। उनके समन्वय और नेतृत्व ने इस दूरदर्शी विचार को साकार रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह पहल इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है, कि कैसे पूर्व विद्यार्थियों का जुड़ाव आने वाली पीढ़ियों के जीवन में परिवर्तन ला सकता है और पेक के मूल्यों को आगे बढ़ा सकता है।
