आत्मशुद्धि और अहिंसा का पर्व है पर्यूषण महापर्व साध्वी भाग्यवती

हांसी, 15 सितंबर:- तेरापंथ भवन में साध्वी श्री भाग्यवती के सानिध्य में संवत्सरी मनाई गई। यह पर्युषण महापर्व का विशेष दिन है, जिसे जैन समाज द्वारा मनाया जाता है। उक्त जानकारी तेरापंथ सभा मीडिया प्रभारी सचिन जैन ने दी।
साध्वी भाग्यवती ने श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए कहा कि जैन धर्म में पर्युषण का अहम महत्व है, जिसके दौरान अनुयायी संपूर्ण सप्ताह तक जप करते हैं और त्याग स्वरूप अपनी-अपनी पसंदीदा वस्तुओं का त्याग करते हैं। आज यह पर्व संवत्सरी के रूप में मनाया जा रहा है। इस दिन अनुयायी उपवास करते हैं तथा अगले प्रातः उपवास को समाप्त करते हैं और हर प्राणी मात्र से क्षमा याचना करते हैं।
इस मौके पर तेरापंथ सभा के प्रधान सुभाष जैन ने आम जनमानस से भी अपील की है कि वे इन पवित्र दिनों में अहिंसा, जीव दया और सत्य के मार्ग पर चलने का संकल्प लें तथा रात्रि भोजन का त्याग करें।
मौके पर तेरापंथ सभा, तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम व तुलसी कल्याण केंद्र के सदस्य मौजूद रहे।