संदेश : सतिंदर सरताज

"गुरूपर्व के इस पावन अवसर पर श्री जपजी साहिब जी का पाठ करके हमने अद्भुत कृपा की असीम एवं उदात्त धारा की एक बूँद को अपने भीतर समाहित करने का प्रयास किया है। संगत के आशीर्वाद से यह विनम्र भेंट गुरू नानक पातशाह जी की दिव्य हजूरी (हुजूर) हाजरी परवान हो जी। - सतिंदर सरताज"