कनाडा में जबरन वसूली के मामलों पर बड़ी कार्रवाई 4 पंजाबी डिपोर्ट

वैनकूवर/कनाडा:- कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी ने पंजाब से संबंधित चार भारतीय युवकों को जबरन वसूली और संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में कनाडा से डिपोर्ट कर दिया है। एजेंसी के अनुसार पलविंदर सिंह, जस्मेर सिंह, अमितोज बाजवा और साहिबजोत सिंह को ‘इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी प्रोटेक्शन एक्ट’ के तहत आपराधिक संगठनों से संबंध और गंभीर अपराधों के लिए अयोग्य पाया गया था। इन चारों के खिलाफ जबरन वसूली, गोलीबारी और हिंसक वारदातों के मामले दर्ज थे। इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ऑफ कनाडा के आदेशों के बाद यह कार्रवाई की गई है।
CBSA ने आज बताया कि उनकी ओर से इसी साल के पिछले महीनों में फिरौती और गोलीबारी के मामलों में शामिल 111 संदिग्धों को देश निकाला (डिपोर्ट) किया गया है और बड़ी संख्या में अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है।
एजेंसी की अध्यक्ष एरिन ओ'गोरमन की ओर से सोमवार को जारी बयान में बताया गया कि वे इमिग्रेशन और रिफ्यूजी प्रोटेक्शन कानून के तहत अयोग्य ठहराए गए सभी व्यक्तियों को वापस भेजने के लिए प्रयासरत हैं। हालांकि एजेंसी ने वापस भेजे गए व्यक्तियों की राष्ट्रीयता (नागरिकता) बताने से परहेज किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार देश निकाला दिए गए व्यक्तियों में से 7 लोगों की राष्ट्रीयता भारत से अलग थी। एजेंसी ने यह भी बताया कि इन 111 व्यक्तियों में से अधिकांश ब्रिटिश कोलंबिया और ओंटारियो प्रांतों के निवासी थे।
एजेंसी ने बताया कि पिछले साल (यानी 2025) में 23,160 लोगों को उनके पैतृक देश वापस भेजा गया था, जिनमें से 1,010 गंभीर आपराधिक कार्रवाइयों से संबंधित थे।
उन्होंने बताया कि एजेंसी के पास पहले 530 अधिकारी थे, लेकिन केंद्र की ओर से बजट बढ़ाए जाने के साथ 1,000 और अधिकारियों की भर्ती की जा रही है। एजेंसी ने माना कि अधिकारियों की कमी के कारण ही देश में विदेशियों को खुलकर खेलने का मौका मिला, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
फेडरल लोक सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदासंगरी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार दक्षिण एशियाई मूल के लोगों की ओर से फैलाए गए फिरौती आतंकवाद के खात्मे के लिए गंभीरता और लगन से काम कर रही है। मंत्री ने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि अपराधी लोगों से पूछताछ में यह पता लगाया जा रहा है कि वे किसी बड़ी ताकत के इशारे पर काम करके कनाडा में अशांति का माहौल पैदा करने का काम तो नहीं कर रहे।