डिप्टी कमिश्नर ने पराली और फसल अवशेषों को आग न लगाने की अपील

होशियारपुर, 15 सितंबर:- पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और जिला प्रशासन द्वारा किसानों को खेतों में पराली या फसल अवशेष न जलाने के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आज जिला प्रशासनिक काम्पलैक्स से 3 जागरूकता वैन रवाना की गईं। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने किसानों से अपील की कि धान के सीजन के दौरान पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खेतों में पराली को आग न लगाई जाए।
डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कहा कि पिछले वर्षों के दौरान किसानों द्वारा पूरी गंभीरता और सहयोग का परिचय देते हुए खेतों में फसल अवशेषों को आग लगाने के मामलों पर बड़े स्तर पर अंकुश लगाने में सहयोग दिया गया है। इससे पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बनाए रखने के साथ-साथ मित्र कीटों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला है। उन्होंने कहा कि इस सीजन में भी किसानों से इसी प्रकार के सहयोग की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिबिउनल और सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस संबंध में समय-समय पर आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका पालन सुनिश्चित करना सभी का प्राथमिक कर्तव्य है, ताकि पर्यावरण को हरा-भरा, स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रखा जा सके। उन्होंने बताया कि जिले में लगातार निगरानी और जागरूकता के लिए 485 नोडल अधिकारी और 125 क्लस्टर अधिकारी तैनात किए गए हैं।
जागरूकता वैनों के संबंध में डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कहा कि ये वैन जिले के प्रत्येक ब्लॉक और गांव तक पहुंचकर पराली न जलाने का संदेश देंगी। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा किसानों, को-ऑपरेटिव सोसायटियों, पंचायतों और किसान समूहों को सब्सिडी पर मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं, ताकि खेतों में पराली और फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा किसानों की पराली के प्रबंधन के बाद उसे औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाने के लिए उद्योगपतियों के साथ भी संपर्क स्थापित किया गया है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।
उन्होंने किसानों से अपील की कि किसी भी परिस्थिति में पराली आदि को खेतों में आग न लगाएं, क्योंकि सभी खेतों की 24x7 सैटेलाइट के माध्यम से निगरानी की जा रही है और आग लगाने के किसी भी मामले का तुरंत नोटिस लिया जाता है। उन्होंने कहा कि सभी को पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के हित में जिम्मेदारी निभाते हुए ऐसी किसी भी कार्रवाई से परहेज करना चाहिए। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि यदि किसी किसान को पराली प्रबंधन के लिए मशीनरी आदि की आवश्यकता है, तो वह कृषि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से अपनी मांग दे सकता है, जिस पर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मुख्य कृषि अधिकारी दीपइंदर सिंह ने बताया कि जिले के किसानों द्वारा पूरी जागरूकता के साथ पराली न जलाने का संकल्प लिया गया है, जिसके चलते पिछले वर्षों के दौरान ऐसे बहुत कम मामले सामने आए थे। उन्होंने बताया कि इस सीजन के दौरान खेतों में आग लगाने के मामलों को शून्य रखने के लिए पूरी सक्रियता से प्रयास जारी हैं और किसानों द्वारा हमेशा की तरह सहयोग दिया जाएगा।