जिले में रोजाना लग रहे हैं तपदिक जांच और जागरूकता कैंप सिविल सर्जन
साहिबजादा अजीत सिंह नगर, 20 :- टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत जिला सेहत विभाग द्वारा जिले के विभिन्न गांवों और शहरों में जांच और जागरूकता कैंप रोजाना लगाए जा रहे हैं। यह जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन और जिला टी.बी. अधिकारी डॉ. नवदीप सिंह ने बताया कि देश में तपदिक के मुकम्मल खात्मे के लिए तीव्र रोकथाम मुहिम चल रही है जिसके तहत सेहत टीमों द्वारा घर-घर जाकर लोगों को टी.बी. के लक्षणों के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है। अहम बात यह है कि कैंपों में शक्की मरीजों की मौके पर ही एक्सरे जांच की जाती है। पुष्टि होने के बाद मरीजों की तुरंत रजिस्ट्रेशन की जाती है और माहिर डॉक्टर द्वारा उनका इलाज शुरू किया जाता है।
उन्होंने बताया कि जिले के सब-डिवीजनल अस्पतालों, कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों, प्राइमरी हेल्थ सेंटरों और आयुष्मान आरोग्य केंद्रों के अलावा जेलों, झुग्गियों, बस्तियों, निर्माण स्थानों, स्कूलों, दफ्तरों आदि में भी जांच और जागरूकता का काम साथ-साथ चल रहा है। अधिकारियों मुताबिक इन कैंपों का मुख्य उद्देश्य टी.बी. के मरीजों की शुरुआती पहचान कर उनका समय पर इलाज शुरू करना है ताकि बीमारी के फैलाव को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि टीबी का पक्का इलाज मौजूद है और यह बीमारी होने पर घबराने की जरूरत नहीं।
हर सरकारी सेहत संस्था में डॉट्स प्रणाली के जरिए इस बीमारी का बिल्कुल मुफ्त इलाज होता है। जब शरीर के अंदर रोगों से लड़ने की शक्ति खत्म हो जाती है तो टी.बी. जैसी जानलेवा बीमारी लगने की संभावना बन जाती है। यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को किसी भी समय हो सकती है। जिक्रयोग है कि दो हफ्ते पुरानी खांसी, वजन घटना, भूख कम लगना, बलगम में खून आना, शाम के समय बुखार, थकावट महसूस होना, बार-बार पसीना आना टीबी के संकेत और लक्षण हो सकते हैं।
