चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने जिला शिक्षा अफसर दफ्तरों के आगे की रैली

पटियाला 24 अगस्त:- दी क्लास फोर्थ गवर्नमेंट इम्पलाइज यूनियन पंजाब (1680) जिला शाखा द्वारा शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर जिला शिक्षा अफसर (सीनियर सेकेंडरी, प्राइमरी) दफ्तरों के आगे रोष धरना देने के उपरांत रैली की। इस मौके पर कर्मचारी नेता दर्शन सिंह लुबाना, राम लाल रामा, शिव चरण, राम प्रसाद सहोता, इंदर पाल वालिया ने कहा कि सरकार स्कूलों में अलग-अलग पदों पर (मेल-फीमेल) लंबे समय से काम कर रहे पार्ट टाइम कामगारों की सेवाओं की नियमित नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं। 
मिड-डे-मील कामगारों को पूरी मजदूरी और समय पर जारी नहीं की जाती हैं, खाना बनाने के अलावा स्कूल मुखी इनसे ज्यादा काम लेते हैं और बेगार भी करवाते हैं, इन्होंने मांग की कि मिड डे मील के काम उन्हीं के पद का लिया जाए, कम से कम वेतन, श्रम कमिश्नर द्वारा निश्चित की गई मजदूरी के अनुसार दिया जाए, काम का समय निश्चित किया जाए, बेगार प्रथा का खात्मा किया जाए और अन्य बनती सुविधाएं खाना बनाते समय दुर्घटना होने पर मुआवजा दिया जाए। 
इसी तरह मांग की गई कि इन्हें नियमित किया जाए, क्योंकि मिड डे मील का काम नित दिन का है परंतु इन्हें तीन-तीन हजार रुपए वेतन प्रति महीना दिया जाता है जो 3-3 महीनों से वेतन नसीब नहीं हुए। मांग की गई कि सरकारी स्कूलों में सफाई सेवक 3000 रुपए और चौकीदार 5000 रुपए पर प्रति महीने रखने और काम का समय निश्चित न करना इन कामगारों का आर्थिक शोषण है। 
इन्होंने मांग की कि इन्हें पूरी मजदूरी दी जाए। काम का समय निश्चित किया जाए, इन्हें कम से कम मजदूरी के दायरे में लाया जाए, साप्ताहिक आराम, त्योहारी छुट्टियां भी दी जाएं और अन्य बनती सुविधाएं श्रम कानूनों के अनुसार दी जाएं, शैक्षिक योग्यता रखने वाले दर्जा चार कर्मचारियों को पद उन्नति की जाए, स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी पूरी की जाए, वर्दियां दी जाएं, आदि एक दर्जन मांगों को लेकर रैली की गई। इन नेताओं ने ऐलान किया कि कर्मचारियों और पेंशनरों द्वारा 27 अगस्त की महा हड़ताल में सरकारी और अर्ध सरकारी संस्थानों का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगा।
धरने और रैली को जिन नेताओं ने संबोधित किया उसमें दर्शन सिंह लुबाना, राम प्रसाद सहोता, राम लाल रामा शहरी प्रधान, शिव चरण प्रधान पेंशनर, चरणजीत सिंह मरदापुर, सतनारायण गोनी, सतनाम सिंह घनौर, इंदरपाल वालिया, प्रेम चावला, तरलोचन माडू, हरबंस वर्मा, प्रकाश लुबाना, गुरिंदर उर्फ गुरी, राजेश कुमार, बलविंदर सिंह पातड़ां, राम कैलाश, धर्मिंदर सिंह, धर्मिंदर कुमार माता कुशल्या, गोल्डी मरदाहेड़ी, मनप्रीत कौर, हरबंस कौर, राम जोधा, भोली आदि नेता शामिल थे।