लुधियाना, 14 अक्तूबर 2026:- गुरु अंगद देव वेटरनरी एवं एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना के प्रसार शिक्षा निदेशालय की ओर से फीड निर्माताओं के लिए “डेयरी पशुओं के आहार में बदलाव” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 17 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से तीन हरियाणा से थे।
उप-कुलपति डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल ने डेयरी उत्पादकता और आर्थिक स्थिरता में सुधार के लिए वैज्ञानिक ज्ञान तथा नवीन आहार तकनीकों के प्रसार के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल ने वैज्ञानिक तरीके से फीड तैयार करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और टिकाऊ डेयरी फार्मिंग पर जोर दिया।
कॉलेज ऑफ एनिमल बायोटेक्नोलॉजी के डीन डॉ. राम सरन सेठी ने पशुपालन क्षेत्र में स्टार्ट-अप, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर बल दिया।
तकनीकी सत्र के दौरान पशु पोषण विभाग के विशेषज्ञों ने तकनीकी जानकारी साझा की। डॉ. जैस्मिन कौर ने “टिकाऊ डेयरी उत्पादन के लिए संतुलित खनिज पोषण”, डॉ. अमित शर्मा ने “फीड की लागत कम करने के लिए गैर-पारंपरिक सामग्री का उपयोग” तथा डॉ. संदीप उनियाल ने “डेयरी पशुओं के लिए फीड के गुणवत्ता मानक, सामग्री और परीक्षण” विषयों पर जानकारी दी।
डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल की अध्यक्षता में एक विचार-विमर्श सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें प्रसार शिक्षा के पूर्व अतिरिक्त निदेशक डॉ. परमिंदर सिंह, पशु पोषण विभाग के प्रमुख डॉ. जसपाल सिंह हुंदल और ऑल फीड मिलर्स एसोसिएशन, पंजाब के अध्यक्ष श्री अशोक कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। चर्चा में फीड की गुणवत्ता, कम लागत पर प्रभावी फीड तैयार करने और फीड उद्योग के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
सेमिनार का समन्वय प्रसार शिक्षा विभाग के प्रमुख डॉ. जसविंदर सिंह और डॉ. रवदीप सिंह ने आयोजन सचिवों के रूप में किया। विद्यार्थी समन्वयक गुरसिमरनजीत सिंह और हरयुवराज सिंह बेदी ने भी कार्यक्रम में योगदान दिया।
सेमिनार का समापन पशु पोषण विशेषज्ञों और फीड निर्माताओं के बीच सहयोग को और मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ, ताकि गुणवत्तापूर्ण पशु आहार, किफायती आहार प्रणालियों और टिकाऊ डेयरी उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके।
