पटियाला, 12 अक्तूबर (मनप्रीत सिंह):- पंजाब के सरकारी और अर्ध-सरकारी विभागों में लंबे समय से दर्जा-4 के हजारों नियमित पद खाली पड़े हैं, जबकि बड़े स्तर पर नियमित पद समाप्त कर दिए गए हैं। दशकों से ठेका और आउटसोर्स व्यवस्था लागू करके कर्मचारियों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है।

लोक निर्माण विभाग तथा सिंचाई एवं ड्रेनेज विभाग में बेलदारों, मेटों आदि की भर्ती लंबे समय से नहीं की गई है। फूड ग्रेन एजेंसियों में नियमित चौकीदार भर्ती करने के बजाय आउटसोर्स कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है। सिविल अस्पतालों में वार्ड अटेंडेंट, सफाई सेवक, माली और चौकीदारों की नियमित भर्ती बंद कर दी गई है। सरकारी स्कूलों में सेवादारों, सफाई सेवकों और चौकीदारों को मात्र 3,000 रुपये और 5,000 रुपये मासिक वेतन पर रखकर उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है।

ठेके और आउटसोर्स व्यवस्था के तहत रखे गए कर्मचारियों को ग्रुप-डी के वेतनमान में नियमित नहीं किया जा रहा है। इसके विपरीत, 16-05-2023 को एक त्रुटिपूर्ण नीति जारी करके सिविल सेवा नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों को इनसोर्स करने के लिए अनेक खामियों वाला इनसोर्स एक्ट-2026 पारित किया गया है। इसके तहत फूड ग्रेन एजेंसियों में 10–15 वर्षों से सेवा कर रहे सुरक्षा गार्डों को इनसोर्स करने से इनकार कर दिया गया है, जिसके कारण कर्मचारियों में भारी रोष है।

ग्रुप-डी की नियमित भर्ती बंद करके पंजाब सरकार ने कम पढ़े-लिखे गरीब परिवारों और दलित परिवारों के बच्चों के लिए सरकारी नौकरियों में प्रवेश लगभग बंद कर दिया है, जो अत्यंत निंदनीय है।

इस मामले का गंभीर संज्ञान लेते हुए क्लास फोर गवर्नमेंट एम्प्लॉइज यूनियन पंजाब, मुख्य कार्यालय 1680-22बी, चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष दर्शन सिंह लुबाणा, कार्यकारी अध्यक्ष जसविंदर पाल उग्गी, चेयरमैन सुखदेव सिंह सुरतापुरी और महासचिव रणजीत सिंह राणवां ने पंजाब की भगवंत मान सरकार की कड़ी आलोचना की और घोषणा की कि उसे 2027 के चुनावों में सबक सिखाया जाएगा। उन्होंने सरकार में शामिल उन विधायकों और मंत्रियों की भी कड़ी निंदा की, जो दलित परिवारों से संबंधित हैं और आरक्षित सीटों से जीतकर आए हैं।

यूनियन ने ग्रुप-डी की नियमित भर्ती तुरंत शुरू करने और ठेका तथा आउटसोर्स कर्मचारियों को पूरे वेतनमान में नियमित करने की जोरदार मांग की। साथ ही, मांगें पूरी न होने पर तीव्र संघर्ष करने की चेतावनी दी।

यूनियन के प्रमुख नेताओं दर्शन सिंह लुबाणा और रणजीत सिंह राणवां ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न विंगों में सफाई सेवकों सहित काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन में 15 प्रतिशत की वृद्धि लागू नहीं की गई है। इनमें यूजर चार्जेज पर काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं।

नेताओं ने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों को इनसोर्स करने की प्रक्रिया शुरू की गई है और उनका डेटा एकत्र किया जा रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग में ऐसा कुछ नहीं किया जा रहा। इस संबंध में 15-09-2026 को स्वास्थ्य मंत्री के साथ तथा 23-09-2026 और 30-09-2026 को स्वास्थ्य निदेशक के साथ बैठकें की गईं, लेकिन स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है।

इसलिए, 17-10-2026 को स्वास्थ्य मंत्री के पटियाला स्थित निजी आवास पर धरना देकर उपरोक्त मांगों को लागू करवाने के लिए मांग-पत्र सौंपे जाएंगे।