पिहोवा / दलजीत अजनोहा: हिंदू धर्म के प्रमुख श्रद्धा स्थलों में शामिल सरस्वती तीर्थ (पृथूदक) में गद्दी पंडित गंगाराम जी (भारत) तथा अखिल भारतीय श्री आचार्य ब्राह्मण पुरोहित अखाड़ा गद्दी के पीठाधीश्वर आचार्य दीपक कुमार महाराज जी ने बताया कि श्राद्ध पक्ष में पूर्णिमा से अमावस्या तक 16 श्राद्ध होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पर्व पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का अवसर है, लेकिन विशेष रूप से एकादशी से अमावस्या तक के दिनों का विशेष महत्व माना जाता है।
सरस्वती पृथूदक तीर्थ, पिहोवा में हजारों-लाखों की संख्या में श्रद्धालु पंडित गंगाराम जी की गद्दी और अपने पुरोहितों के पास अपने पूर्वजों के निमित्त अनुष्ठान, कर्मकांड और तर्पण आदि करवाने पहुंचे। इस दौरान चतुर्दशी के दिन पंडित मोहित शर्मा और पंडित विकास शर्मा जी ने पितृ पूजन संपन्न करवाया।
गद्दी पंडित गंगाराम जी (भारत), अखिल भारतीय श्री आचार्य ब्राह्मण पुरोहित अखाड़ा गद्दी के पीठाधीश्वर आचार्य दीपक कुमार, पंडित विकास शर्मा और पंडित मोहित शर्मा की ओर से संयुक्त रूप से बताया गया कि श्राद्ध पक्ष में त्रयोदशी, चतुर्दशी और अमावस्या के दिन विशेष महत्व रखते हैं। इन दिनों में पूरे भारतवर्ष से हजारों लोग अपने पितरों की शांति और सद्गति के लिए यहां आकर पूजा-अर्चना करवाते हैं।
उन्होंने कहा कि इन दिनों में लोग अपने पितरों को तर्पण देते हैं और पूजा के दौरान पुरोहितों को दान करते हैं, ताकि पितरों को शांति मिले, पितृ-बाधा से मुक्ति प्राप्त हो और उन्हें सद्गति मिले।
