पंचकूला, 16 सितंबर:- सेक्टर-15 स्थित रघुनाथ मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन आचार्य श्री संदीप शास्त्री जी ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव, वामन अवतार और राजा बलि से जुड़े प्रसंगों का वर्णन सुनाया। कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आते ही श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
आचार्य श्री संदीप शास्त्री जी ने बताया कि जब धरती पर अत्याचार और अधर्म बढ़ जाता है, तब भगवान श्रीकृष्ण धर्म की स्थापना और शांति के लिए अवतार लेते हैं। कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य कारागार में देवकी और वासुदेव के यहां हुआ। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म से जुड़े प्रसंग का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए भक्तों को धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
कथा के दौरान वामन अवतार और राजा बलि के प्रसंग का भी वर्णन किया गया। आचार्य जी ने कहा कि भगवान के विभिन्न अवतारों के माध्यम से धर्म, सत्य, सेवा और विनम्रता का संदेश मिलता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धार्मिक कथाओं से मिलने वाली शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कथा के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण किया और जन्मोत्सव प्रसंग का आनंद लिया।
श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और वामन अवतार का प्रसंग सुनाया
