चंडीगढ़, 11 अक्टूबर:- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को पंजाब के लुधियाना में ड्रीम एंड ब्यूटी चैरिटेबल ट्रस्ट के 30वें वर्षगांठ समारोह और सेवा सद्भावना सम्मेलन में शिरकत की। उन्होंने पिछले तीन दशकों से समाज के जरूरतमंद वर्गों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सेवा, परोपकार और जरूरतमंद व्यक्ति के आंसू पोंछने की भावना ही वास्तविक अर्थों में मानवता की सेवा है।
मुख्यमंत्री ने विश्व शांति केंद्र के संस्थापक श्रद्धेय आचार्य लोकेश मुनि, ड्रीम एंड ब्यूटी चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन अनिल मोंगा तथा उपस्थित बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों का स्वागत करते हुए कहा कि गुरुओं, संतों और महापुरुषों की पवित्र धरती पंजाब आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति का अनुभव हो रहा है। उन्होंने सभी को नवरात्रों की बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर ट्रस्ट के विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1996 में स्थापित ड्रीम एंड ब्यूटी चैरिटेबल ट्रस्ट का छोटा-सा पौधा आज विशाल वटवृक्ष बन चुका है। ट्रस्ट के कार्यों से लाखों जरूरतमंद लोगों को राहत, सहारा और बेहतर जीवन की उम्मीद मिली है। उन्होंने ट्रस्ट के सभी सदस्यों को 30 वर्षों की गौरवशाली सेवा यात्रा पूरी करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘सेवा परमो धर्म’ का संदेश दिया गया है। जब कोई संस्था या व्यक्ति समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के आंसू पोंछने का संकल्प लेता है, तो वह केवल सामाजिक सेवा ही नहीं करता, बल्कि परमात्मा की सच्ची पूजा भी करता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पिछले तीन दशकों में ट्रस्ट ने ब्रह्मभोग कार्यक्रम के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया है। दिल्ली और पंजाब में 11 फूड ट्रकों के जरिए अस्पतालों, झुग्गी-बस्तियों और विशेष जरूरतों वाले बच्चों के स्कूलों तक प्रतिदिन 20 हजार से अधिक लोगों को सम्मानपूर्वक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस वर्ष के अंत तक प्रतिदिन 30 हजार लोगों को भोजन कराने का लक्ष्य सराहनीय है। कोविड-19 महामारी के दौरान ट्रस्ट की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में 12 सप्ताह के भीतर 42 लाख से अधिक भोजन के पैकेट वितरित कर जरूरतमंदों को राहत पहुंचाना प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्मभोग के साथ-साथ ट्रस्ट ने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी किया है। अब तक 11 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने विशेष रूप से 18 से 25 वर्ष की युवतियों को कौशल प्रदान कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। जब कोई बेटी अपने पैरों पर खड़ी होती है, तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है, परिवार को सहारा मिलता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसरों के नए द्वार खुलते हैं।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि युवाओं को कौशल और जीवन में उद्देश्य देना नशे से बचाव की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास है। युवाओं को गलत रास्तों से दूर रखने के साथ-साथ उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे परिस्थितियों से निराश होने के बजाय अपनी मेहनत और हिम्मत से अपनी मंजिल तय करें।
ट्रस्ट की स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘कर्म हेल्थकेयर’ परियोजना के तहत पांच मोबाइल एम्बुलेंसों के माध्यम से प्रतिदिन 800 से 1,000 जरूरतमंद मरीजों तक मुफ्त दवाइयां, जांच और आपातकालीन चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा रही है। 25 से अधिक प्रतिष्ठित अस्पतालों के सहयोग से अब तक 500 से अधिक बड़ी सर्जरी मुफ्त या बहुत रियायती दरों पर कराई जा चुकी हैं। गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना वास्तव में पुण्य का कार्य है।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का ‘हेवनली पैलेस’ वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान, सुरक्षा और अपनेपन का प्रतीक है। 19 एकड़ में फैले इस परिसर में 500 से अधिक बुजुर्ग बेहतर सुविधाओं के साथ जीवन बिता रहे हैं। यहां 600 लग्जरी कमरे, 10 हजार वर्ग फुट का स्वच्छ भोजन कक्ष, 24 घंटे चिकित्सा सुविधा और योग पार्क जैसी व्यवस्थाएं हैं। उन्होंने जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए 150 बिस्तरों वाली ‘जॉयफुल लिविंग’ सुविधा शुरू करने की पहल की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच और राष्ट्रसेवा की भावना को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे विकसित भारत की सफलता की नींव बनेंगे, इसलिए उन्हें सक्षम और जागरूक बनाना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गरीब परिवारों के बच्चों के लिए सरकार ने ‘मिशन बुनियाद’ और ‘सुपर-100’ जैसे कार्यक्रम चलाए हैं, जिनके माध्यम से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश का ऐसा कोई आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT) या मेडिकल कॉलेज नहीं है, जहां हरियाणा के इन बच्चों ने दाखिला न लिया हो। उन्होंने कहा कि बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बल्कि जरूरत उन्हें सही दिशा देने की है।
मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट की ‘ग्लोबल पीस एंड हार्मनी इनिशिएटिव’ के माध्यम से शांति, भाईचारे और सद्भाव का संदेश फैलाने के प्रयासों को भी सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में प्रेम और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं और लोगों को जाति, धर्म तथा क्षेत्र की सीमाओं से ऊपर उठकर मानवता के लिए काम करने की प्रेरणा देते हैं। ट्रस्ट के सभी सदस्यों को 30 वर्षों की सफल सेवा यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संस्था भविष्य में भी समाज के वंचित वर्गों के जीवन में आशा और खुशियों का उजाला फैलाती रहेगी।
