नवांशहर, 24 अक्टूबर (गुरबख्श सिंह महे):- पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रगट सिंह अपने साथियों सहित श्री गुरु रविदास महाराज जी की चरणछोह प्राप्त पवित्र धरती चरणछोह गंगा, श्री खुरालगढ़ साहिब में नतमस्तक हुए। इस अवसर पर उन्होंने गुरु रविदास महाराज जी की पवित्र स्मृति को नमन करते हुए सर्वजन के कल्याण, सामाजिक सद्भाव और मानवता की उन्नति के लिए अरदास की।
उन्होंने कहा कि यह पवित्र स्थल गुरु जी की शिक्षाओं, सामाजिक समानता और मानव एकता के संदेश को समर्पित है। यहां नतमस्तक होने वाले श्रद्धालु गुरु जी के दिखाए मार्ग पर चलने और समाज में आपसी प्रेम तथा सम्मान की भावना को मजबूत करने का संकल्प लेते हैं।
गुरु रविदास महाराज जी ने अपनी वाणी के माध्यम से जात-पात, ऊंच-नीच और सामाजिक भेदभाव से मुक्त समाज की कल्पना प्रस्तुत की। उनकी शिक्षाएं मनुष्य को आपसी भाईचारे, सच्चाई, विनम्रता और मेहनत के साथ जीवन व्यतीत करने की प्रेरणा देती हैं। श्री चरणछोह गंगा में नतमस्तक होना गुरु जी की शिक्षाओं के प्रति श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चेयरमैन श्री नाजर राम मान और अध्यक्ष संत सुरिंदर दास जी ने कहा कि इस पवित्र स्थल पर देश-विदेश से श्रद्धालु गुरु जी का आशीर्वाद प्राप्त करने आते हैं और उनकी वाणी से अपने जीवन को सही दिशा देने की प्रेरणा लेते हैं।
पंजाब की धार्मिक और सामाजिक विरासत में श्री खुरालगढ़ साहिब का विशेष स्थान है। गुरु रविदास महाराज जी की विचारधारा समाज में समानता, सम्मान और भाईचारे की भावना स्थापित करने का मार्ग दिखाती है। उनका संदेश समस्त मानवता को एकजुट होकर न्यायपूर्ण और सद्भावनापूर्ण समाज बनाने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से अध्यक्ष प्रगट सिंह और उनके साथ आए प्रतिनिधियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस मौके पर पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व सदस्य ज्ञान चंद दिवाली, यूके; संत करम चंद; बाबा दयाल चंद; मनजीत मुगोवाल; स्वागत समिति के प्रमुख श्री जगदीश कुमार; मनजीत मुगोवाल; संत करम चंद; प्रेस सचिव गुरबख्श सिंह महे; सुखचैन सिंह काला, पंजाब अध्यक्ष; संत गिरधारी लाल, मुख्य ग्रंथी; सोम नाथ गंगड़; तारा चंद; जरनैल सिंह कुल्लेवाल; हरभजन बस्सी; महिंदर सिंह बस्सी; राम सिंह खुराली; दलवीर राजू; सुरजीत खानपुरी; बिजेश्वर कुमार; नरेंद्र मिस्त्री; टिंकू अडोन; महेश सूद; पी. एल. सूद; डॉ. सतपाल; मास्टर राम दास सहित कई अन्य नेता भी उपस्थित थे।
