चंडीगढ़, 28 अक्टूबर (गुरजीत बिल्ला):- रयात बाहरा विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (यूएसएमएस) ने विद्यार्थियों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने और उन्हें सोच-समझकर वित्तीय निर्णय लेने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से “वित्तीय ज्ञान से युवा मन को सशक्त बनाना” विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित किया।
कार्यक्रम के दौरान दो विशेष सत्र आयोजित किए गए। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के उप महाप्रबंधक नवप्रीत सिंह ने निवेशक शिक्षा, वित्तीय सुरक्षा और सोच-समझकर निवेश करने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी प्राप्त करने और वित्तीय जोखिमों को समझने के लिए प्रेरित किया। दूसरे सत्र में डीन कृष्णा बंसल ने निजी और पेशेवर जीवन में जिम्मेदार वित्तीय योजना, बचत और धन के उचित प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया।
इस अवसर पर रयात बाहरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय कुमार और प्रो-कुलपति प्रो. सतीश कुमार बंसल भी उपस्थित रहे। इसके अलावा सिटिजन्स अवेयरनेस ग्रुप के अध्यक्ष सुरिंदर वर्मा, यूएसएमएस की डीन डॉ. सुनैना खुराना और डॉ. अंशु गौबा ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बजट बनाने, बचत करने, निवेश के अवसरों का मूल्यांकन करने, डिजिटल वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने और धोखाधड़ी वाली वित्तीय योजनाओं से बचने के बारे में जागरूक किया। उन्होंने वित्तीय अनुशासन अपनाने और निवेश संबंधी जानकारी को विश्वसनीय स्रोतों से सत्यापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इस अतिथि व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को वित्तीय योजना, निवेश से जुड़े जोखिमों और जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन के बारे में व्यावहारिक जानकारी मिली। इस पहल ने विद्यार्थियों को संभावित वित्तीय धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने और भविष्य में सोच-समझकर वित्तीय निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।
