10 अक्तूबर, रयात बाहरा यूनिवर्सिटी (आरबीयू) की ओर से एचआर कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया गया, जिसमें प्रमुख मानव संसाधन विशेषज्ञों, कॉरपोरेट अधिकारियों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। कॉन्क्लेव के दौरान विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने, कार्यस्थल के बदलते रुझानों तथा अकादमिक शिक्षा और उद्योग जगत की अपेक्षाओं के बीच के अंतर को कम करने पर विचार-विमर्श किया गया।
चांसलर गुरविंदर सिंह बाहरा के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आयोजित इस कॉन्क्लेव का विषय “एजुकेशन.एक्सई से कॉरपोरेट.एक्सई तक—उस हकीकत को समझना, जिसके बारे में आपको किसी ने नहीं बताया” था। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कॉरपोरेट जगत की तेजी से बदलती जरूरतों और चुनौतियों के लिए तैयार करना था।
कॉन्क्लेव में विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें नीव वेंचर्स के सलाहकार एवं एंजेल निवेशक उन्मेश पवार; केपीएमजी की डायरेक्टर, लीडरशिप ट्रांसफॉर्मेशन गुंजन रामचंदानी; एनसीएस ग्रुप के कपिल गौतम कैला; इनफिनिट अपटाइम की स्मिता नारकर; ईएक्सएल सर्विसेज के एवीपी-एचआर डॉ. ध्रुव चोपड़ा; मास्टरकार्ड की अमिता कराडखेडकर; लूपिन के परवेज सिराज; वेलस्पन की मेखोला गांगुली; केपीएमजी के साहिल नायर और ईवाई के सुशांत शर्मा शामिल थे। इस अवसर पर रयात बाहरा ग्रुप के वाइस चेयरमैन गुरिंदर सिंह बाहरा, विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) संजय कुमार और ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट, प्लेसमेंट विक्रम सिंह भी उपस्थित थे।
चांसलर गुरविंदर सिंह बाहरा ने संबोधित करते हुए उद्योग और शिक्षा जगत के बीच साझेदारी मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को पेशेवर क्षेत्र की उभरती जरूरतों के अनुरूप बनाना समय की अहम मांग है।
उन्मेश पवार ने “द एमबीए ट्रैपबुक: पांच गलतियां, पांच समाधान और आगे बढ़ने के पांच तरीके” विषय पर मुख्य भाषण दिया। उन्होंने करियर में होने वाली आम गलतियों और उनसे उबरने के व्यावहारिक तरीकों पर चर्चा की। गुंजन रामचंदानी के संचालन में “नौकरी मिले या अनदेखे रह जाएं—एमबीए डिग्रीधारक को रोजगार योग्य क्या बनाता है?” विषय पर पैनल चर्चा हुई, जिसमें नियोक्ताओं की अपेक्षाओं और प्रबंधन के विद्यार्थियों के लिए जरूरी कौशलों पर विचार साझा किए गए।
नेटवेस्ट, मास्टरकार्ड, लूपिन और वेलस्पन के प्रतिनिधियों ने कॉरपोरेट बोर्डरूम सत्र में विद्यार्थियों को उद्योग जगत की अपेक्षाओं से अवगत कराया। वहीं, “बधाई हो, आपको नौकरी मिल गई है” सत्र में कार्यस्थल के लिए तैयारी और कैंपस से कॉरपोरेट जीवन में प्रवेश करने की प्रक्रिया पर चर्चा की गई।
एक अन्य महत्वपूर्ण सत्र “भविष्य के लिए तैयार कार्यबल का निर्माण: शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई पाटने के लिए विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में एआई को शामिल करना” विषय पर आयोजित हुआ। इसमें विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, डीन, डायरेक्टरों और उद्योग प्रतिनिधियों ने अकादमिक कार्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तथा उभरती तकनीकों को शामिल करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
चांसलर बाहरा ने नवाचार, अनुभव-आधारित शिक्षा और प्रमुख कॉरपोरेट संस्थानों के साथ मजबूत साझेदारी को बढ़ावा देने के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई। कॉन्क्लेव का समापन विद्यार्थियों को भविष्य की पेशेवर चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु शिक्षा और उद्योग जगत के बीच निरंतर सहयोग की आवश्यकता पर जोर देते हुए हुआ।
