चंडीगढ़, 15 अक्टूबर (गुरजीत बिल्ला):- रयात बाहरा विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने, तनाव से निपटने, भावनात्मक मजबूती विकसित करने और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम के उद्देश्य से “मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण—एक जागरूक संवाद” विषय पर एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया। इसका आयोजन विद्यार्थी कल्याण विभाग और स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज ने रेड रिबन क्लब तथा पंजाब यूथ सर्विसेज के सहयोग से किया।

समारोह को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के चांसलर गुरविंदर सिंह बाहरा ने समय का प्रभावी उपयोग करने, जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देने और तनाव कम करने के लिए व्यावहारिक तरीके अपनाने के महत्व पर जोर दिया। वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) संजय कुमार ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई, जबकि प्रो-वाइस चांसलर डॉ. सतीश कुमार ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर और सार्थक बातचीत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए डॉ. सिमरजीत कौर ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए विशेषज्ञों की सहायता लेना कमजोरी नहीं, बल्कि साहस और मजबूती की निशानी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के बारे में खुलकर बात करने और जरूरत पड़ने पर समय रहते विशेषज्ञों की सलाह लेने के लिए प्रेरित किया।

क्लीयरमेडी बाहरा अस्पताल की एकीकृत मनोचिकित्सक डॉ. पी. वैशाली ने पढ़ाई के दबाव और भावनात्मक चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। माइंडब्लिस अस्पताल, ऊना के सलाहकार मनोचिकित्सक डॉ. शिवम त्यागी ने चिंता और तनाव से निपटने के तरीकों की जानकारी दी, जबकि ईएसआई अस्पताल, परवाणू के क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक डॉ. ललित वर्मा ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम और इस संबंध में जागरूकता के महत्व को उजागर किया।

सम्मेलन के दौरान हुई चर्चा में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेषज्ञों ने उनके सवालों के जवाब दिए और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए।

सम्मेलन का समापन विद्यार्थियों के लिए सहयोगपूर्ण, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कलंक और भेदभाव से मुक्त तथा नशामुक्त परिसर का वातावरण बनाने के संकल्प के साथ हुआ।