धूरी, 11 अक्तूबर 2026:- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब में पहली बार ऐसी सरकार आई है, जो दिन-रात लोगों के लिए काम करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि साढ़े चार वर्षों के कामकाज ने उनकी सरकार के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत किया है। किसानों को दिन के समय बिजली और नहरी पानी उपलब्ध कराने, सरकारी योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक परिवार को हर महीने 15,000 रुपये की बचत होने और धान की खरीद का तुरंत भुगतान किए जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का रिकॉर्ड अपने आप बोलता है। भाजपा और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी छवि खराब करने और उनकी ईमानदारी को कमजोर करने की कोशिशें नाकाम रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके कार्यालय पर छापेमारी के बाद सीबीआई खाली हाथ लौट गई थी। उन्होंने दोहराया कि पंजाब के लोगों के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे।
‘एक्स’ पर अपने विचार साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा: “आज मैंने धूरी विधानसभा क्षेत्र के क्रांतिकारी गांव मीमसा में गांव की सभा के दौरान अपने लोगों के साथ अपने विचार साझा किए और दिल की बातें कीं। आपके गर्मजोशी भरे प्यार और सहयोग के कारण ही धूरी आज पंजाब की राजनीति का ‘धुरी केंद्र’ बन गया है। पिछली सरकारों के खोखले दावों के विपरीत हमने जमीनी स्तर पर बड़े काम किए हैं। किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, सिंचाई के माध्यम से 88 प्रतिशत खेतों तक नहरी पानी पहुंचा है, 70,685 सरकारी नौकरियां दी गई हैं, मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और शून्य बिजली बिलों से प्रत्येक परिवार को सालाना 1.82 लाख रुपये का लाभ हो रहा है। ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत माताओं और बहनों को दी जा रही मासिक वित्तीय सहायता उनके उचित मान-सम्मान की पहचान है। आपके आशीर्वाद से हम वाहेगुरु द्वारा सौंपी गई जनसेवा की जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाते रहेंगे। इंकलाब जिंदाबाद।”
‘लोक मिलनी’ सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के लोगों ने वादे करने वाली सरकारों और नतीजे देने वाली सरकार के बीच का अंतर देखा है। हमने पिछले साढ़े चार वर्षों के अपने काम से उनका विश्वास जीता है। सरकारी खजाने का एक-एक पैसा लोगों का है और हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि विकास, बेहतर जनसेवाओं और जनकल्याणकारी पहलों के माध्यम से उनका पैसा उन्हीं तक वापस पहुंचे।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकारी खजाने का एक-एक पैसा लोगों का है और हम इसे उनके कल्याण पर समझदारी से खर्च कर रहे हैं। लोगों का पैसा राज्य के विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से उन्हीं के पास वापस आ रहा है। 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को दिन के समय बिजली दी जा रही है, जो पंजाब के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ।”
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार लोगों के लिए काम कर रही है। हमने बिना भ्रष्टाचार के 70,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं, सड़कों में सुधार किया है, स्कूलों और अस्पतालों को मजबूत बनाया है तथा टोल प्लाजा बंद किए हैं, ताकि वाहन चालकों के रोजाना 70 लाख रुपये बचाए जा सकें, जो पहले बिना किसी उचित कारण के खर्च होते थे। हम गांवों का विकास भी कर रहे हैं और खेल स्टेडियम बना रहे हैं, ताकि हमारे युवा खेलों पर ध्यान केंद्रित कर सकें और बेहतर भविष्य बना सकें।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “स्वास्थ्य सेवाएं हर परिवार की पहुंच में होनी चाहिए। ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के माध्यम से हम प्रति परिवार 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध करा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोग अस्पताल के बिलों की चिंता किए बिना गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपचार प्राप्त कर सकें।”
‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि 18 वर्ष और उससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं को 1 जुलाई से हर महीने 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है और पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इसके लिए पात्र हैं।” उन्होंने आगे बताया कि पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है और इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार महिलाओं के लिए मान-सम्मान और वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में सहायता मिल रही है। 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद के साथ यह योजना पूरे पंजाब के परिवारों को उचित सहायता प्रदान कर रही है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी दूर करने और जीवन स्तर सुधारने के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा में सुधार करने और सामान्य परिवारों के बच्चों को सशक्त बनाने के लिए शिक्षक प्रशिक्षण, ‘स्कूल्स ऑफ एमिनेंस’ और अन्य पहलों में निवेश कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, “मुफ्त योजनाएं और रियायती कार्ड राहत दे सकते हैं, लेकिन गरीबी के चक्र को तोड़ने की कुंजी शिक्षा ही है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा लोगों को सशक्त बनाती है, उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसर पैदा करती है। इसी कारण हम सरकारी स्कूलों को मजबूत बनाने और बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “सरकारी स्कूलों के नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 2021 में 80 से बढ़कर 2026 में 882 हो जाना शिक्षा में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ हैं कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे देश में कहीं भी अन्य विद्यार्थियों का मुकाबला कर सकें।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार 1,587 गांवों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचा है, जहां पहले कभी पानी नहीं पहुंचा था। हमने सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर 7,200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और नहरी पानी प्राप्त करने वाला क्षेत्र 2022 में 20.89 लाख एकड़ से बढ़कर आज 60.30 लाख एकड़ हो गया है। नहरी सिंचाई किसानों पर बोझ कम करने और पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बेहद जरूरी है।”
उन्होंने कहा कि सरकार ने जनसेवा को अपना मुख्य मिशन बनाया है और वह पंजाब की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि पिछली सरकारों ने अपने निजी हितों को प्राथमिकता दी थी। मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब ने ऐसी सरकारें देखी हैं, जो अपने हितों को पूरा करने में ही व्यस्त रहीं। हमने जनसेवा को अपना एकमात्र मिशन बनाया है। हम पंजाब की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध हैं और किसानों तथा समाज के हर वर्ग के लोगों का जीवन बेहतर बनाने के लिए काम जारी रखेंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकारी योजनाएं प्रत्येक परिवार को हर महीने लगभग 15,000 रुपये बचाने में मदद कर रही हैं। इससे घरेलू बजट को वास्तविक राहत मिलती है और आम लोगों के हाथों में अधिक पैसा बचता है। हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को मंडी से घर पहुंचने से पहले ही उनके धान का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में मिल जाए।” उन्होंने कहा कि किसानों को वित्तीय अनिश्चितता से बचाने और उनकी मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए समय पर भुगतान बेहद जरूरी है।
राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग उनकी सरकार को उसके कामकाज के आधार पर चुनौती देने में असमर्थ हैं, वे व्यक्तिगत हमलों और उनकी छवि खराब करने की कोशिशों का सहारा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “जब उन्हें मेरे काम में कोई कमी नहीं मिलती या वे मेरी ईमानदारी को चुनौती नहीं दे सकते, तो वे मुझे बदनाम करने की कोशिश करते हैं। मेरी ईमानदारी उन लोगों के लिए समस्या बन गई है, जो स्वार्थ की राजनीति के आदी हैं। लेकिन पंजाब के लोग सच्चाई जानते हैं और कोई भी राजनीतिक प्रचार लोगों के लिए किए गए हमारे काम को मिटा नहीं सकता।”
अपने कार्यालय पर सीबीआई की छापेमारी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाजपा सोचती थी कि छापेमारी और दबाव मुझे डरा देंगे, लेकिन मेरे कार्यालय पर छापेमारी के बाद सीबीआई खाली हाथ लौट गई। मैं पंजाब और उसके लोगों के हितों से कभी समझौता नहीं करूंगा। मेरी ताकत लोगों के विश्वास से आती है और मैं ईमानदारी तथा दृढ़ संकल्प के साथ उनकी सेवा करता रहूंगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को खुद को कार्यालयों और औपचारिक बैठकों तक सीमित रखने के बजाय लोगों की पहुंच में रहना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि उनके आवास के दरवाजे पंजाब के लोगों के लिए हमेशा खुले रहे हैं और भविष्य में भी खुले रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के लोग मेरे लिए बाहरी नहीं हैं; वे मेरा अपना परिवार हैं। मेरे दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले रहे हैं और हमेशा खुले रहेंगे। सार्वजनिक पद संभालने का वास्तविक उद्देश्य लोगों की शिकायतें सुनना, उनकी समस्याओं को समझना और समाधान खोजने के लिए काम करना है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि उनकी सरकार पंजाबियों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए समर्पण, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि अब तक हुआ विकास और प्रगति एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित पंजाब के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम है, जहां समाज का हर वर्ग सम्मान और विश्वास के साथ जीवन जी सके। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग अंततः हर राजनीतिक पार्टी का मूल्यांकन उसके जनसेवा के रिकॉर्ड के आधार पर करेंगे। हम खोखले दावों के बजाय ठोस नतीजों, पारदर्शिता और जवाबदेही पर ध्यान केंद्रित करते रहेंगे। हमारी प्रतिबद्धता एक समृद्ध पंजाब बनाने की है, जहां हर व्यक्ति सम्मान और विश्वास के साथ रह सके।”
