चंडीगढ़, 15 अक्तूबर:- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि किसान को पारदर्शी तरीके से उसकी बीमा पॉलिसी सीधे उसके हाथ में मिले। इसी सोच के तहत ‘मेरी पॉलिसी मेरे हाथ’ अभियान शुरू किया गया है। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से 15 अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरे भारत में एक महीने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत प्रत्येक पात्र किसान को उसकी फसल की बीमा पॉलिसी सौंपी जा रही है, ताकि किसान को पता चल सके कि उसकी फसल का बीमा हुआ है या नहीं, बीमा प्रीमियम की राशि कितनी है और बीमा क्लेम कैसे मिलेगा।
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने गुरुवार को कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आयोजित राज्य स्तरीय ‘मेरी पॉलिसी मेरे हाथ’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत ‘मेरी पॉलिसी मेरे हाथ’ अभियान की बीमा पॉलिसियां वितरित करने के बाद श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसानों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।
उन्होंने ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि प्रत्येक किसान को इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य करवाना चाहिए, ताकि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ सीधे उसके खाते में पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। भारत तभी विकसित होगा, जब हमारा किसान, मजदूर और व्यापारी विकसित होगा तथा समाज के हर वर्ग की तरक्की होगी। जब समाज का हर वर्ग विकास करेगा, तभी वर्ष 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बन सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान श्री श्याम सिंह राणा ने सभी किसानों को ‘न पराली जलाएंगे, न जलाने देंगे’ की शपथ भी दिलाई।
उन्होंने कहा कि पराली जलाना पर्यावरण, जमीन और मानव स्वास्थ्य, तीनों के लिए नुकसानदायक है। सरकार की ओर से पराली प्रबंधन के लिए सब्सिडी पर मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसलिए किसानों को पराली में आग लगाने के बजाय उसका उचित प्रबंधन करना चाहिए।
उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र जिले में अब तक पराली जलाने की एक भी घटना सामने नहीं आई है, जो किसानों की जागरूकता को दर्शाती है।
