मानसा:- नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने गुरुवार शाम को कहा कि एक्शन कमेटी के साथ हुई बैठक के बाद यह सहमति बनी है कि जब तक सभी मांगें स्वीकार नहीं की जातीं, परिवार पोस्टमार्टम के लिए सहमति नहीं देगा। परिवार का कहना है कि पहले उनकी मांगें मानी जाएं, उसके बाद ही पोस्टमार्टम को लेकर अगला फैसला लिया जाएगा।
इससे पहले दिन में भीम सिंह ने कहा था कि सिख पंथ ने परिवार को सलाह दी है कि पहले अपनी मांगें मनवाई जाएं और उसके बाद ही पोस्टमार्टम के लिए सहमति दी जाए। झोटा की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन का गुरुवार को 10वां दिन था। प्रदर्शन उपायुक्त के आवास के पास त्रिकोणी और सिविल अस्पताल में जारी हैं, जहां झोटा का शव मुर्दाघर में रखा हुआ है।
भीम सिंह ने कहा कि परिवार नहीं चाहता कि शव अस्पताल के मुर्दाघर में पड़ा रहे, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि पहले उनकी मांगें पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला एक्शन कमेटी के माध्यम से प्रदर्शनकारियों को बताया जाएगा और पूरी ‘संगत’ की मंजूरी से ही लिया जाएगा। उन्होंने दावा किया, “फैसला होने पर या तो मैं या मनप्रीत कौर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करेंगे।” उन्होंने दोहराया कि परिवार सीबीआई जांच में सहयोग करेगा।
परिवार की प्रमुख मांगों में मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के डीजीपी का इस्तीफा, पीजीआई चंडीगढ़ के वरिष्ठ डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम और हत्या के साथ-साथ नशा तस्करों, पुलिसकर्मियों तथा राजनीतिक प्रतिनिधियों के बीच कथित गठजोड़ की सीबीआई जांच शामिल है। यह जांच पहले ही शुरू हो चुकी है।
अन्य मांगों में झोटा की प्रतिमा स्थापित करना, मानसा के दो एसएचओ, एक डीएसपी और ड्रग इंस्पेक्टर को बर्खास्त करना तथा गांव ख्याला कलां में झोटा के नाम पर ट्रॉमा सेंटर स्थापित करना शामिल है। उल्लेखनीय है कि डीएसपी, ड्रग इंस्पेक्टर और एक एसएचओ को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
परिवार ने यह भी मांग की है कि आरोपियों पर फास्ट-ट्रैक अदालत में मुकदमा चलाया जाए और उन्हें कड़ी सजा दी जाए। इसके अलावा, गोलीबारी की घटना में घायल हुए चार लोगों का इलाज सरकारी खर्च पर किसी प्रमुख चिकित्सा संस्थान में कराने और प्रत्येक घायल को 20 लाख रुपये का तत्काल मुआवजा देने की मांग की गई है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के पैनल, पीड़ित परिवार और एक्शन कमेटी के बीच तीसरे दौर की बातचीत गुरुवार सुबह होनी थी, लेकिन शाम तक यह नहीं हो सकी। सूत्रों ने बताया कि परिवार और कमेटी ने बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया था, क्योंकि बुधवार शाम की बैठक सहित पिछली दो दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी।
