कपूरथला, 13 अक्टूबर:- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि उनकी सरकार युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने में सक्षम बनाने के लिए पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव कर रही है और रोजगार के अवसर पैदा कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य नौकरी तलाशने वालों को नौकरी देने वाला बनाना है। आई.के. गुजराल पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों का कायाकल्प करने के साथ-साथ सरकार ने योग्यता के आधार पर 70,000 सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा शिक्षा और रोजगार की अनदेखी के कारण ही युवाओं को विदेशों में अवसर तलाशने के लिए मजबूर होना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि चार वर्षों के लगातार प्रयासों से पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में पहले स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा और खेलों को राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव बनाने की अपील की। भाजपा पर तीखा निशाना साधते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब को बदनाम करने के बजाय पार्टी को गुजरात से नशे की आपूर्ति रोकनी चाहिए।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज मुझे आई.के. गुजराल पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय, कपूरथला के 14वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान करने का सौभाग्य मिला है। डिग्री केवल कागज का टुकड़ा नहीं है, बल्कि ऐसा प्रमाणपत्र है जो युवाओं को अपने सपनों को हकीकत में बदलने का अवसर देता है। हमारा लक्ष्य पंजाब के युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। शिक्षा और खेल पंजाब के उज्ज्वल भविष्य की कुंजियां हैं। डिग्री प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई। मैं उनके सफल भविष्य की कामना करता हूं। इंकलाब जिंदाबाद।”
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो लोग नशे की समस्या को लेकर पंजाब को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें पहले इस समस्या से निपटने में अपनी नाकामी की जवाबदेही लेनी चाहिए। मैं भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को चुनौती देता हूं कि वह स्पष्ट करे कि केंद्र और गुजरात, दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद गुजरात और देश के अन्य हिस्सों के बंदरगाहों के माध्यम से नशे की आपूर्ति कैसे जारी रही। पंजाब किसी को भी नशा तस्करी के राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को नजरअंदाज करके उसे निशाना बनाने, आलोचना करने और राजनीतिक प्रचार के माध्यम से उसकी छवि खराब करने की अनुमति नहीं देगा। जो लोग अपने राज्यों में इस समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने में असफल रहे हैं, उन्हें पंजाब पर उंगली उठाने से पहले अपना रिकॉर्ड देखना चाहिए।”
डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें रंगला पंजाब बनाने के लिए अपने ज्ञान, कौशल और उद्यमशीलता की भावना का उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने दीक्षांत समारोह को विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया और जोर दिया कि डिग्री कागज के टुकड़े से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि यह विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने, आकांक्षाओं को पूरा करने और समाज में सार्थक योगदान देने का अवसर देती है।
देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए अथक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। महान पंजाबी कवि अवतार पाश की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे कठिनाइयों के सामने कभी अपने सपने न छोड़ें। उन्होंने कहा, “विद्यार्थी जीवन युवाओं को दुनिया की कड़वी वास्तविकताओं के लिए तैयार करता है, जहां सफलता के लिए दृढ़ता, अनुशासन, नवाचार और अलग ढंग से सोचने का साहस आवश्यक है। आपका ज्ञान और विशेषज्ञता केवल व्यक्तिगत प्रगति तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसका उपयोग समाज के कल्याण और पंजाब की तरक्की के लिए करें।”
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें युवाओं के लिए उपयुक्त अवसर पैदा करने में असफल रही थीं, जिसके कारण अनेक युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए विदेशों की ओर देखना पड़ा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि पंजाब के युवा अपनी आकांक्षाएं पूरी कर सकें और राज्य में ही सफल करियर बना सकें।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा, आधुनिक बुनियादी ढांचे तथा व्यावहारिक कौशल पर नए सिरे से जोर देते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शिक्षा विभाग के तीनों अंगों के बीच एक ही मंत्री के अधीन बेहतर तालमेल स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा, “सरकारी स्कूलों को फर्नीचर, स्मार्ट कक्षाओं और आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जबकि नए पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों और भविष्य के करियर के लिए तैयार कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सामान्य परिवारों के बच्चों को भी वही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अवसर मिलें, जो विशेषाधिकार प्राप्त विद्यार्थियों को मिलते हैं।”
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को नई शिक्षण विधियां सीखने और पंजाब की कक्षाओं में अंतरराष्ट्रीय शिक्षण पद्धतियां लाने के लिए सिंगापुर और फिनलैंड भेजा गया है। उन्होंने आगे कहा, “सरकार सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक, संवादात्मक और वर्तमान जरूरतों के अनुरूप बना रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अन्य उभरती तकनीकें विद्यार्थियों के लिए नए रास्ते खोल रही हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य युवाओं को तेजी से प्रतिस्पर्धी होती दुनिया में सफल होने के लिए आवश्यक ज्ञान, आत्मविश्वास और व्यावहारिक क्षमताओं से लैस करना है।
शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की प्रगति के बारे में बात करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि नीति आयोग के अनुसार पंजाब 2022 से पहले 27वें स्थान से ऊपर उठकर अग्रणी स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय स्कूलों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने, शिक्षण के मानकों को मजबूत करने और आर्थिक पृष्ठभूमि से परे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के निरंतर प्रयासों को दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी को अपनी क्षमता हासिल करने से न रोकें। उन्होंने कहा, “शिक्षा समानता और खुशहाली वाले समाज की नींव है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और अवसर केवल उन लोगों तक सीमित न रहें, जो महंगे संस्थानों में सीटें खरीद सकते हैं। हम युवाओं को आधुनिक कौशल, तकनीकी ज्ञान और उद्यमशील सोच से लैस करना चाहते हैं, ताकि वे नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सामान्य परिवारों के 882 विद्यार्थियों का नीट परीक्षा में सफल होना साबित करता है कि प्रतिभा केवल विशेषाधिकार प्राप्त लोगों की जागीर नहीं है। जब विद्यार्थियों को सही अवसर और सहायता मिलती है, तो वे शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के भुगतान में एक सेमेस्टर की भी देरी नहीं होने दी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के विद्यार्थी बिना अनावश्यक वित्तीय अनिश्चितता के अपनी उच्च शिक्षा जारी रख सकते हैं। उन्होंने कहा, “प्रतिभा समाज के हर वर्ग में मौजूद है। युवाओं को निष्पक्ष अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित सहायता की जरूरत है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि आर्थिक बाधाएं शिक्षा के रास्ते में रुकावट न बनें और योग्य विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकें।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने बिना किसी पैसे, सिफारिश या पक्षपात के पूरी तरह योग्यता के आधार पर 70,685 सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने कहा, “पारदर्शी भर्ती ने युवाओं का आत्मविश्वास बहाल किया है और यह साबित किया है कि सरकारी रोजगार सिफारिश के बजाय कड़ी मेहनत और योग्यता से प्राप्त किया जा सकता है। हमारी प्राथमिकता ऐसा माहौल बनाना है, जिसमें हर योग्य युवा को सफल होने का अवसर मिले।”
उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से प्रौद्योगिकी, नवाचार, उद्योग और उद्यमिता के क्षेत्र में उभरते अवसरों का लाभ उठाने तथा पंजाब के आर्थिक विकास में योगदान देने की अपील की।
विद्यार्थियों को सक्रिय, उद्देश्यपूर्ण और अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी अवसर पैदा करना और आवश्यक सहायता देना है, जबकि युवाओं को ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए उन अवसरों का उपयोग करना होगा। उन्होंने कहा, “सरकार हवाई अड्डे के रनवे की तरह होती है, जो विमान को उड़ान भरने के लिए मंच प्रदान करती है। हम अवसर पैदा कर सकते हैं और सहायता दे सकते हैं, लेकिन ऊंचाइयों तक पहुंचना युवाओं पर निर्भर करता है। पंजाब के युवाओं में अपार प्रतिभा है और हमारी प्राथमिकता ऐसा माहौल बनाना है, जिसमें उनकी क्षमता का पूरा लाभ राज्य के भीतर ही उठाया जा सके।”
उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी जड़ों से जुड़े रहने, पंजाब के मूल्यों को बनाए रखने और दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनने की अपील की। उन्होंने उनसे अपने ज्ञान, अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग उन लोगों की मदद के लिए करने को भी कहा, जिनकी अवसरों तक पहुंच नहीं है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब का भविष्य शिक्षित, कुशल, आत्मविश्वासी और सामाजिक रूप से जिम्मेदार युवा पीढ़ी पर निर्भर करता है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और हर योग्य युवा को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली भारतीय हॉकी टीम के छह खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इनमें कप्तान हरमनप्रीत सिंह, जरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, मनदीप सिंह, जुगराज सिंह और सुखजीत सिंह शामिल थे।
खिलाड़ियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी उपलब्धियां समर्पण, अनुशासन, लगन और टीम भावना को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब का खेलों में गौरवशाली इतिहास रहा है और यहां के बेटे-बेटियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गर्व के साथ भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारे हॉकी खिलाड़ियों की उपलब्धियां पंजाब और पूरे देश के लिए गर्व की बात हैं। उनका समर्पण और कड़ी मेहनत दर्शाती है कि अनुशासन और लगन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से क्या हासिल किया जा सकता है।”
उन्होंने एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए पंजाब की तैयारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य की खेल संस्कृति, मेहमाननवाजी और संगठनात्मक क्षमताओं को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. अरविंद कुमार बंसल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
