ऊना, 28 अक्टूबर:- हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना–चरण-II के तहत विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि आधारित स्वरोजगार के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को नेताजी सुभाष मेमोरियल राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बसाल में ‘नेक्स्ट जेनरेशन’ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में खंड परियोजना प्रबंधक, ऊना अश्वनी कुमार ने विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती, मशरूम उत्पादन, जलवायु-अनुकूल कृषि, वर्मी कम्पोस्ट, पोषण वाटिका तथा कृषि क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि की आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों को अपनाने के महत्व से अवगत करवाया। साथ ही, विद्यालय परिसर में वर्मी कम्पोस्ट इकाई और पोषण वाटिका स्थापित करने के संबंध में भी जानकारी साझा की।

अश्वनी कुमार ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) के सहयोग से संचालित इस परियोजना के अंतर्गत ऊना जिले के पांच चयनित विद्यालयों में विद्यार्थियों को कृषि विविधीकरण एवं प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में कृषि के प्रति रुचि विकसित करना तथा उन्हें टिकाऊ कृषि पद्धतियों और कृषि आधारित आजीविका के अवसरों से परिचित करवाना है।

उन्होंने बताया कि खंड परियोजना प्रबंधन इकाई, ऊना के मार्गदर्शन में संचालित इस परियोजना का क्रियान्वयन सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट, जगदीशपुर, अमेठी (उत्तर प्रदेश) द्वारा किया जा रहा है।