नवांशहर (देस राज बाली):- मानसा में नशों के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में एक्शन कमेटी द्वारा दिए गए पंजाब बंद के आह्वान पर आज नवांशहर पूरी तरह बंद रहा। यह बंद सीपीआई (एमएल) न्यू डेमोक्रेसी, सीपीआई, आरएमपीआई और इफ्टू के आह्वान पर किया गया।

उल्लेखनीय है कि संगठनों की अपील पर व्यापार मंडल ने पहले ही बैठक करके दुकानें बंद रखने का ऐलान कर दिया था। आज सुबह उक्त पार्टियों और संगठनों के कार्यकर्ता तथा नेता बड़ी संख्या में स्थानीय ऑटो स्टैंड पर एकत्र हुए और शहर के मुख्य बाजारों में मार्च निकाला।

इस अवसर पर कुलविंदर सिंह वड़ैच, जसबीर दीप, कामरेड निरंजन दास मेहली, जसविंदर सिंह भंगाल, कुलदीप सिंह दौड़का, जसवीर सिंह मोरों, ऑटो यूनियन के जिला प्रधान पुनीत कुमार बछौड़ी, प्रवासी मजदूर यूनियन के जिला प्रधान परवीन कुमार निराला, किरती किसान यूनियन के जिला प्रधान सुरिंदर सिंह बैंस, ग्रामीण मजदूर यूनियन के नेता कमलजीत सणावा, पेंशनर यूनियन के राज्य नेता कुलविंदर सिंह अटवाल और विजय कुमार तथा रेहड़ी वर्कर यूनियन के प्रधान हरे राम ने सभा को संबोधित किया।

नेताओं ने कहा कि मान सरकार का “नशों के विरुद्ध युद्ध” अभियान पूरी तरह विफल साबित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि रोजाना ओवरडोज के कारण युवा मर रहे हैं और पुलिस बिना पोस्टमार्टम करवाए ही परिवारों पर मृतकों का अंतिम संस्कार करने के लिए दबाव डाल रही है।

नेताओं ने आरोप लगाया कि पूरे पंजाब में राजनेताओं, पुलिस और नशा तस्करों का गठजोड़ मिलकर नशे का कारोबार चला रहा है और मोटा मुनाफा कमा रहा है। उन्होंने कहा कि परमिंदर सिंह झोटा की हत्या करके तस्करों ने नशा तस्करी के खिलाफ उठ रही आवाजों को दबाने की कोशिश की है, लेकिन ये आवाजें खामोश नहीं होंगी।

उन्होंने कहा कि नशे के इस पूरे तंत्र को तोड़ने के लिए जन आंदोलन खड़ा करना होगा। नेताओं ने लोगों से इस प्रयास में आगे आने की अपील की।