चंडीगढ़, 11 अक्टूबर:- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी पटियाला जिले के पातड़ां (पंजाब) स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में महाराजा अग्रसेन जी की 5,150वीं जयंती के पावन अवसर पर युवा अग्रवाल सभा द्वारा आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस अवसर पर उन्होंने अहिंसा, समाजवाद और करुणा के प्रतीक महाराजा अग्रसेन जी के चरणों में शत-शत नमन किया तथा समस्त देशवासियों को जयंती और नवरात्रों की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी केवल अग्रवाल समाज ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतीय समाज की एक महान शख्सियत थे। उन्होंने अपने राज्य में ‘एक ईंट और एक सोने की मोहर’ जैसी अनूठी और दूरदर्शी परंपरा की शुरुआत की थी, ताकि हर नया परिवार आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने पशु बलि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर मानव इतिहास में अहिंसा को सामाजिक सिद्धांत के रूप में स्थापित किया।
श्री सैनी ने कहा कि अग्रवाल समाज का इतिहास हमेशा से राष्ट्र निर्माण, उदारता और मानवता की सेवा में गौरवशाली रहा है। उन्होंने भामाशाह के साथ-साथ देश और दुनिया में समाज का नाम रोशन करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, संतों, साहित्यकारों और उद्योगपतियों को विशेष रूप से याद किया।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि जीएसटी, डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं ने व्यापार जगत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। पंजाब की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब का व्यापारी वर्ग और युवा आज सुरक्षित माहौल, पारदर्शी व्यवस्था और बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं।
अपने संबोधन में हरियाणा के औद्योगिक और आर्थिक विकास का खाका प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि राज्य सरकार ‘विकसित हरियाणा 2047’ के विजन के तहत 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और 50 लाख नए रोजगार सृजित करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। हरियाणा आज देश में स्टार्टअप संस्कृति के मामले में चौथे स्थान पर है, जहां 12 हजार से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप, 19 यूनिकॉर्न और 250 से ज्यादा फॉर्च्यून-500 कंपनियां मौजूद हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत सरकार ने उद्योगों और एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्लग-एंड-प्ले नीति, पदमा कार्यक्रम और 1,100 से अधिक गैर-जरूरी नियमों को समाप्त करने जैसे कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि डबल इंजन सरकार की तर्ज पर यदि पंजाब में भी विकासोन्मुख व्यवस्था बनेगी, तो यहां के उद्योगपतियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। अंत में उन्होंने सभी से महाराजा अग्रसेन जी के बताए मार्ग पर चलते हुए एक खुशहाल और सुरक्षित पंजाब के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की।
