हांसी (दिनकर गावड़ी):- सनातन धर्म महिला महाविद्यालय के सभागार में कानूनी साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में एसडीएम राजेश खोथ ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और विधिवत शुभारंभ करते हुए उपस्थित छात्राओं एवं अन्य लोगों को कानून के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कानून से संबंधित जानकारी प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है। कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों और विभिन्न अधिनियमों की जानकारी होने से व्यक्ति न केवल अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है, बल्कि समाज में व्याप्त कुरीतियों और अपराधों की रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक ही एक सुरक्षित, जिम्मेदार और विकसित समाज के निर्माण में योगदान दे सकते हैं। इसलिए सभी को कानूनी साक्षरता को अपने जीवन का हिस्सा बनाते हुए विकास की गति को और तेज करने के लिए आगे आना चाहिए।

एडवोकेट अजय सचदेवा ने छात्राओं और नागरिकों को बच्चों की सुरक्षा तथा उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पॉक्सो एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इस कानून के प्रति जागरूकता होना बेहद जरूरी है, ताकि बच्चों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या अनुचित व्यवहार को समय रहते रोका जा सके। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और किसी भी अनुचित स्पर्श, गलत व्यवहार या उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहें। ऐसी परिस्थितियों में बिना किसी भय या संकोच के अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा पुलिस को इसकी जानकारी दें और आवश्यक सहायता प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि समय पर आवाज उठाना और उचित माध्यम से शिकायत करना अपराधों की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

शिविर में बाल विवाह की रोकथाम से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। इस दौरान बताया गया कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और उनके सर्वांगीण विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध जागरूकता फैलाने और कानून का पालन सुनिश्चित करने में सहयोग करना चाहिए। छात्राओं को यह भी समझाया गया कि शिक्षा, जागरूकता और सही समय पर उचित कदम उठाकर सामाजिक बुराइयों को दूर किया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों और उनसे बचाव के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। साइबर पुलिस थाना से पहुंचे कांस्टेबल शिवकुमार ने साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का संदेश देते हुए डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया। नागरिकों को अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी संदेशों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सावधान रहने तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पासवर्ड और बैंक संबंधी विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, किसी संदिग्ध गतिविधि या साइबर अपराध का सामना होने पर समय रहते संबंधित अधिकारियों को सूचित करने की आवश्यकता बताई गई।

शिविर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका और उससे संबंधित कानूनी सहायता सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों को कानूनी सहायता उपलब्ध करवाने तथा न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने में विधिक सेवा संस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कानूनी सहायता और अधिकारों के प्रति जागरूकता से नागरिक अपनी समस्याओं का उचित समाधान प्राप्त करने के लिए सही दिशा में कदम उठा सकते हैं।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य सुरेश गुप्ता, एडवोकेट अजय सचदेवा, पीएलवी निशा, साइबर पुलिस थाना से कांस्टेबल शिवकुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।