होशियारपुर (दलजीत अजनोहा):- भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ने बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए विवादित बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक मंच से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह कांग्रेस की राजनीतिक निराशा को दर्शाता है।
खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के करोड़ों नागरिकों के जनादेश से चुने गए नेता हैं। उनके प्रति राजनीतिक विरोध रखना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर व्यक्तिगत और पारिवारिक टिप्पणियां करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता। राजनीति में विरोध विचारों, नीतियों और कार्यों के आधार पर होना चाहिए, न कि परिवार को निशाना बनाकर। पूर्व सांसद ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और उनसे सार्वजनिक जीवन में शालीनता, संयम और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में उनके द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा राजनीतिक संवाद के स्तर को गिराती है। देश की जनता देख रही है कि विपक्ष विकास, जनकल्याण और राष्ट्रीय मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियों को राजनीतिक हथियार बना रहा है।
खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नेतृत्व में देश को विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने की दिशा में आगे ले जाने का काम किया है। ऐसे नेता के प्रति असहमति जताने के लिए तथ्यों और तर्कों को प्रस्तुत किया जाना चाहिए। व्यक्तिगत कटाक्ष किसी भी राजनीतिक दल की नीतिगत कमजोरियों को नहीं छिपा सकते। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की कि वह इस तरह की भाषा पर अपना रुख स्पष्ट करे और राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
खन्ना ने विश्वास व्यक्त किया कि देश की जनता व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति के बजाय विकास, सुशासन और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद चाहे कितने भी हों, देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के प्रति संवाद में मर्यादा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र में शब्दों की भी अपनी गरिमा होती है और सार्वजनिक जीवन में बैठे प्रत्येक व्यक्ति को इसका ध्यान रखना चाहिए।
