बैंकॉक:- अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अपनी नई रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष दुनिया की आर्थिक विकास दर 3.1 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो पिछले वर्ष की 3.5 प्रतिशत की दर से थोड़ी कम है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई के दबाव के बावजूद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती मांग ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को सहारा देने में मदद की है। अनुमान है कि इस वर्ष तेल की कीमतें 96 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं, जिससे महंगाई और बढ़ सकती है।
भारत 7 प्रतिशत की विकास दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। वहीं, चीन की विकास दर 4.5 प्रतिशत और अमेरिका की 2.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जिएवा ने कहा कि एआई का दुनिया भर में लगभग 40 प्रतिशत नौकरियों पर असर पड़ेगा। इसके कारण कई नौकरियों में बदलाव हो सकता है या वे समाप्त हो सकती हैं। संस्था ने सभी देशों को बढ़ते कर्ज के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।
