अंबाला, 11 अक्तूबर (आर. सिंह):- आज सुबह अचानक आसमान में घने काले बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा हो गया। बाजारों में दुकानदारों ने बत्तियां जला लीं। भारी बारिश के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। शाम तक बादल गरजते और बरसते रहे, जिससे तापमान में भी काफी गिरावट आई और ठंड बढ़ गई।

इस भारी बारिश ने अंबाला छावनी की मोहड़ा अनाज मंडी में किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। मंडी प्रशासन के पुख्ता इंतजामों के दावों की पोल उस समय खुल गई, जब खुले आसमान के नीचे पड़ा किसानों का धान बारिश के पानी में भीग गया। किसानों ने अचानक हुई बारिश से अपनी उपज को बचाने के लिए काफी मशक्कत की। कई किसानों ने धान को तिरपालों से ढकने की कोशिश की, जबकि कुछ किसान शेड के नीचे उपलब्ध सीमित जगह में अपनी बोरियों को सुरक्षित करने में जुट गए। इसके बावजूद अधिकांश किसानों का धान खुले में पड़ा रहा और ढेर पूरी तरह भीग गए।

किसानों का कहना है कि उनकी सूखी फसल अब बारिश के पानी से भीग गई है। मौसम साफ होने के बाद उन्हें एक बार फिर धान सुखाने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। बारिश के कारण धान में नमी की मात्रा भी बढ़ जाएगी, जिससे सरकारी खरीद के दौरान नुकसान और परेशानियों का खतरा पैदा हो सकता है। किसानों ने मांग की है कि मंडी प्रशासन उपज की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंध करे।