चंडीगढ़, 22 अक्तूबर:- हरियाणा की स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य सरकार ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लगभग 423.48 लाख रुपये की लागत से विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के नए भवनों और बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की है। इस पहल का उद्देश्य उन उप-स्वास्थ्य केंद्रों को मानक और आधुनिक भवन उपलब्ध करवाना है, जो वर्तमान में बिना भवन के चल रहे हैं या पंचायत भवनों और अन्य इमारतों में संचालित हो रहे हैं।
आरती सिंह राव ने बताया कि इस योजना के तहत भिवानी जिले के राजगढ़ और कलिंगा-दूजाना गांवों, पलवल जिले के मंगोरका और गदपुरी गांवों तथा जींद जिले के देवराड़ और ढरौली गांवों में स्थित उप-स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही सिरसा जिले के रानिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बीपीएचयू (BPHU) के लिए भूमि भराई और इंटरलॉक पेवमेंट ब्लॉक लगाने के कार्य भी शामिल हैं। इन सभी उप-स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक मानव संसाधन पहले से उपलब्ध हैं और ये पूरी तरह कार्यरत हैं। अब इन्हें वास्तुकला विभाग द्वारा भारतीय जन स्वास्थ्य मानकों (IPHS) 2022 के अनुसार तैयार किए गए 187.60 वर्ग मीटर के मानक डिजाइन के आधार पर पक्के और आधुनिक भवन उपलब्ध करवाए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, नूंह जिले के साकरस गांव में एक नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण को भी राज्य सरकार ने मंजूरी दी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान नए स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए बजट में आवश्यक प्रावधान भी किया गया है। इन सभी निर्माण कार्यों के पूरा होने से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को अपने घरों के नजदीक ही उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं और स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। इससे राज्य के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक सुधार होगा।
