चंडीगढ़, 14 अक्तूबर:- हरियाणा सरकार बाल सुरक्षा और कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा द्वारा “सशक्त महिला – सुरक्षित बचपन – समृद्ध हरियाणा” के संकल्प को साकार करने के लिए प्रदेशभर में 141 स्थानों पर सुरक्षित पालना केंद्र स्थापित किए गए हैं।

एक सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए लोगों से अपील की है कि किसी भी लाचारी या असमर्थता की स्थिति में नवजात शिशु या बच्चे को सड़क, सुनसान स्थान, पेड़ के नीचे, कूड़ेदान में, अस्पताल के बाहर या किसी अन्य असुरक्षित जगह पर न छोड़ें। आपका एक गलत कदम मासूम की जिंदगी को खतरे में डाल सकता है। यदि कोई माता-पिता या व्यक्ति किसी कारणवश बच्चे की देखभाल करने में असमर्थ है, तो बच्चे को झाड़ियों या असुरक्षित स्थानों पर छोड़ने के बजाय सरकार द्वारा स्थापित इन सुरक्षित पालना केंद्रों में सौंपें।

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा ये सुरक्षित पालना केंद्र प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर बनाए गए हैं, जिनमें बाल देखभाल संस्थान, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), नागरिक अस्पताल और अन्य निर्धारित संस्थान शामिल हैं। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यदि किसी क्षेत्र में सुरक्षित पालना केंद्र उपलब्ध नहीं है, तो बच्चे को प्रत्येक जिले में गठित बाल कल्याण समिति के समक्ष भी सुरक्षित रूप से सौंपा जा सकता है।

प्रवक्ता ने नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बच्चे को सुरक्षित रूप से सौंपने के लिए आगे आने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि कोई भी बिना किसी डर या झिझक के मासूम की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। उन्होंने आम जनता से अपील की कि आइए, मिलकर यह संकल्प लें कि कोई भी नवजात या बच्चा लावारिस और असुरक्षित स्थिति में न मिले तथा हर बच्चे को सुरक्षित भविष्य मिल सके।