इंद्री, 10 अक्तूबर: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने इंद्री, तरावड़ी और नीलोखेड़ी की अनाज मंडियों का दौरा कर धान खरीद व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंडियों में धान लेकर पहुंचे किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों से बातचीत कर खरीद, उठान तथा अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि धान खरीद सीजन के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों से मंडियों में धान की आवक, खरीद प्रक्रिया, फसल की गुणवत्ता एवं नमी की जांच, बारदाने की उपलब्धता, फसल के उठान और किसानों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने धान की ढेरियों में नमी की जांच भी करवाई और अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने मंडियों में फसल लेकर आए किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित उच्चाधिकारियों से फोन पर बात कर समस्याओं का मौके पर ही समाधान करवाया।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि मंडियों में धान के उठान पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उठान में तेजी आने से मंडियों में जगह उपलब्ध होगी और खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सकेगी। उन्होंने कहा कि परिवहन के लिए वाहनों की कमी होने पर वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाएगी। जरूरत पड़ने पर राइस मिलर्स के वाहनों की सहायता लेने का प्रावधान भी है, ताकि उठान का काम प्रभावित न हो।
जियो-फेंसिंग और बायोमीट्रिक व्यवस्था से रुकेगी अनियमितता:
धान खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के संबंध में मंत्री ने कहा कि इस बार मंडियों में जियो-फेंसिंग, बायोमीट्रिक सत्यापन और गेट पास की व्यवस्था की गई है। मंडी में धान लेकर आने वाली ट्रॉली की प्रवेश द्वार पर एंट्री होगी और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बायोमीट्रिक सत्यापन तथा धान की ढेरी से संबंधित रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। इसके बाद खरीद प्रक्रिया पूरी की जाएगी और जे-फॉर्म जारी किया जाएगा। मंडी से धान बाहर जाने पर आउटगोइंग पास का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित खरीद एजेंसियों के साथ-साथ मार्केट कमेटी द्वारा भी धान की आवक और निकासी का रिकॉर्ड रखा जाएगा। इससे खरीद प्रक्रिया पर निगरानी रखने और अनियमितताओं की गुंजाइश कम करने में मदद मिलेगी।
अधिक उत्पादन होने पर भी एमएसपी पर खरीदा जाएगा धान:
मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि यदि किसी किसान के खेत में निर्धारित औसत से अधिक धान की पैदावार होती है, तो उसे अपनी फसल बेचने के लिए परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे किसान अपनी मंडी के सचिव को इसकी जानकारी दें। मंडी सचिव संबंधित एसडीएम, जिला कृषि उपनिदेशक (डीडीए) और उपायुक्त को सूचित करेंगे। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक अनुमति लेकर किसान की अतिरिक्त उपज की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र किसान की फसल का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदा जाएगा और भुगतान उसके बैंक खाते में किया जाएगा।
धान में नमी की मात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि धान की कटाई और फसल की स्थिति के कारण नमी में अंतर हो सकता है। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। मंडियों में खरीद में देरी से संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई समस्या है, तो संबंधित एजेंसियों से बातचीत कर उसका समाधान करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को मंडियों में जाकर किसानों की समस्याएं सुनने तथा उनका समाधान सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। सरकार किसानों के हितों के प्रति गंभीर है और खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक रामकुमार कश्यप, नीलोखेड़ी के एसडीएम अशोक कुमार, डीएसपी सोनू, इंद्री मार्केट कमेटी के चेयरमैन महेंद्र पनजोखरा, तरावड़ी मार्केट कमेटी के चेयरमैन मनदीप चौधरी, मार्केट कमेटी सचिव संदीप सचदेवा, नीलोखेड़ी मार्केट कमेटी के सचिव शिवनाथ कपूर, मंडी सचिव अशोक शर्मा, भाजपा नेता राजबीर शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, किसान और आढ़ती मौजूद रहे।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली में आग न लगाएं, बल्कि उसका उचित प्रबंधन करें। उन्होंने किसानों से सरकार द्वारा पराली प्रबंधन के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का भी आह्वान किया।
